रंगीलो राजस्थान थीम पर सजेगा ‘स्वयंसिद्धा 2025’:मेले में लगेंगे 68 से ज्यादा स्वदेशी स्टॉल, टैलेंट शो, आत्मरक्षा वर्कशॉप और फन जोन भी होगा

लघु उद्योग भारती महिला इकाई, चित्तौड़गढ़ की ओर से 20, 21 और 22 दिसंबर 2025 को गणगौर गार्डन में तीन दिवसीय ‘स्वयंसिद्धा 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों को बढ़ावा देना, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को एक सशक्त मंच देना एवं स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। यह आयोजन न केवल एक व्यापारिक मेला है, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का सामूहिक उत्सव भी है। रंगीलो राजस्थान थीम के साथ आत्मनिर्भर भारत का सशक्त संदेश मेला संयोजक राशी मुंदड़ा ने बताया कि ‘स्वयंसिद्धा 2025’ की थीम “रंगीलो राजस्थान – कला, उद्यमिता और आत्मविश्वास का उत्सव” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से राजस्थान की रंगीन संस्कृति, पारंपरिक कला, लोक जीवन और स्वदेशी सोच को सामने लाने की कोशिश की गई है। आयोजन के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की भावना को मजबूती दी जा रही है। महिला इकाई का मानना है कि जब स्थानीय प्रोडक्ट और महिलाओं द्वारा संचालित व्यवसायों को मंच मिलेगा, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना जमीनी स्तर पर साकार होगा। महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों कलाकारों और युवाओं को बड़ा मंच इस तीन दिवसीय मेले में लगभग 68 से ज्यादा स्वदेशी एवं एमएसएमई स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इनमें फूड, फैशन, हैंडलूम, आर्ट-क्राफ्ट, ज्वेलरी, आयुर्वेदिक उत्पाद, ऑर्गेनिक आइटम, होम डेकोर, सिल्क, पटोला और बंधेज साड़ियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। चित्तौड़गढ़ के स्थानीय व्यवसायों के साथ-साथ उदयपुर, कोटा, जयपुर, दिल्ली, आगरा और मुंबई जैसे शहरों से भी उद्यमी यहां अपने उत्पादों के साथ आ रहे हैं। कई महिला उद्यमी, जिन्होंने हाल ही में अपने स्टार्टअप शुरू किए हैं, तो कई सफल महिलाएं भी अपने अनुभव और उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेंगी। इसके अलावा एनजीओ, बैंक और सामाजिक संस्थाओं को भी अपने कार्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां टैलेंट शो और परिवारों के लिए संपूर्ण मनोरंजन उन्होंने बताया कि मेला सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक संपूर्ण पारिवारिक अनुभव बनाया गया है। प्रतिदिन शाम 6 बजे से टैलेंट शो आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कविता पाठ, संगीत, नृत्य और विशेष प्रस्तुतियां होंगी। महिलाओं के लिए निर्भया सेना राजस्थान द्वारा आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाठी और नंचक्स जैसी तकनीकों का प्रदर्शन होगा। जय चित्तौड़, जय मेवाड़ ग्रुप द्वारा ‘वेलर ऑफ चित्तौड़गढ़’ के नाम से रानी पद्मावती, मीराबाई और पन्नाधाय जैसी महान महिलाओं के जीवन पर आधारित नाट्य एवं नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। बच्चों और परिवारों के लिए फन जोन, गेम्स, कैमल राइड, हॉर्स राइड और मनोरंजन की अन्य गतिविधियां भी रहेंगी। तीसरे दिन दिव्य कृष्ण संध्या भक्ति और अध्यात्म का संगम आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण तीसरे दिन 22 दिसंबर की शाम 7 बजे होने वाली दिव्य कृष्ण संध्या रहेगी। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन इस्कॉन चित्तौड़गढ़ द्वारा किया जाएगा। भक्ति संगीत, कृष्ण भजन और आध्यात्मिक वातावरण से सजी यह संध्या मेले का भावनात्मक और आध्यात्मिक शिखर होगी। इसके अलावा 21 दिसंबर को मीरा कला केंद्र द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत पर आधारित राग संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर प्रस्तुतियां होंगी। स्थानीय गायक भी विंटेज और रेट्रो बॉलीवुड गीतों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। पोस्टर का हुआ विमोचन इस आयोजन का नेतृत्व महिला इकाई की अध्यक्ष अंजली शर्मा कर रही हैं। मेला संयोजक राशी मुंदड़ा, सचिव सुरभि बल्दावा, कोषाध्यक्ष आस्था जैन, डिजिटल प्रमुख श्वेता तोषनीवाल, सलाहकार अनीता टाक, सह कोषाध्यक्ष सीमा मेहता सहित पूरी समर्पित टीम इस आयोजन को सफल बनाने में जुटी है। हाल ही में आयोजन का भव्य पोस्टर विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला कलेक्टर आलोक रंजन और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की उपस्थिति में हुआ, जिससे जिले में इस मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों से परिवार और मित्रों के साथ आकर इस रंगीन, स्वदेशी और प्रेरणादायक महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है।

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