रक्षा मंत्रालय में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत लेते गिरफ्तार:CBI ने ₹2.36 करोड़ जब्त किए; प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप, पत्नी भी शामिल

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को रक्षा मंत्रालय में पोस्टेड आर्मी अफसर को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर बेंगलुरु की एक कंपनी से ₹3 लाख की रिश्वत लेने का आरोप है। CBI ने शर्मा के घर से ₹2.36 करोड़ रुपए भी जब्त किए हैं। CBI ने शर्मा की पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। तलाशी के दौरान काजल के घर से ₹10 लाख बरामद किए हैं। काजल, डिवीजन ऑर्डिनेंस यूनिट (DOU) श्रीगंगानगर (राजस्थान) में कमांडिंग ऑफिसर हैं। इस मामले में बिचौलिया विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों 23 दिसंबर तक CBI की हिरासत में रहेंगे। यह मामला 19 दिसंबर को मिली सूचना के आधार पर दर्ज किया गया। CBI के मुताबिक लेफ्टिनेंट कर्नल पर रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। 4 पॉइंट मे समझें पूरा मामला… घर से कैश और आपत्तिजनक सामग्री मिली खबर मिलने पर जांच एजेंसी ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू सहित कई स्थानों पर तलाशी ली। दिल्ली में लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के घर पर तलाशी के दौरान 3 लाख रुपए, 2.23 करोड़ रुपए नकद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। अधिकारियों ने श्रीगंगानगर में उनकी पत्नी के घर से भी 10 लाख रुपए नकद जब्त किए हैं। उनके कार्यालय में भी तलाशी जारी है। दोनों आरोपियों को 20 दिसंबर को अदालत में पेश किया गया। फिलहाल इन्हें 23 दिसंबर तक हिरासत में भेज दिया गया है। रक्षा मंत्रालय बोला- सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
न्यूज एजेंसी ANI ने रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों के हवाले से कहा कि यह कार्रवाई भारत सरकार की ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है। सेना के अधिकारी की गिरफ्तारी से यह पता चलता है कि सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास करती है। हमें खेद है… लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत मामले में हमारे वीडियो में मानवीय भूल से राजस्थान के पाली सांसद पीपी चौधरी की फोटो लग गई थी। हमें इसका खेद है। संपादक —————————— ये खबर भी पढ़ें… तीनों सेनाओं के लिए ₹79,000 करोड़ के हथियार खरीदे जाएंगे: इसमें एडवांस नाग मिसाइल सिस्टम और सुपर रैपिड गन शामिल रक्षा मंत्रालय ने अक्टूबर में करीब 79,000 करोड़ रुपए के एडवांस हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में ये फैसला लिया गया। इससे नाग मिसाइल खरीदी जाएंगी, जो दुश्मन के टैंक और बंकर तबाह करने में सक्षम है।इससे पहले 5 अगस्त को करीब 67,000 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। पढ़ें पूरी खबर…

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