रगों में घोला ‘जहर’:बैतूल के 2 बच्चों की मौत के बाद 1 और बच्चे की किडनी खराब, एक क​ब्र से निकाली कोल्ड्रिफ सिरप लिखी पर्ची

जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के गर्मित उर्फ निहाल तथा कबीर यादव की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। इस बीच टीकाबर्री गांव के साढ़े तीन साल के बालक हर्ष की भी हालत गंभीर होने का पता चला। वह नागपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है। एक माह पहले परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से इलाज करवाने के बाद हालत खराब होने पर परिजन उसे लेकर नागपुर के निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां 1 अक्टूबर से उसका इलाज जारी है। जामुनबिछवा के गर्मित उर्फ निहाल धुर्वे के साथ कब्र में दफन किया डॉक्टर का पर्चा निकालकर परिजनों ने निकालकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिया। यह भी खुलासा हुआ कि गर्मित की बहन का भी इलाज डॉ. सोनी ने किया था, लेकिन उसे कोल्ड्रिफ सिरप नहीं दी थी इसलिए बच गई। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे बच्चों को तलाशने के लिए डोर टू डोर सर्वे शुरू किया है। नागपुर के अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा हर्ष आमला ब्लॉक के टीकाबर्री गांव निवासी साढ़े तीन साल के हर्ष यदुवंशी की दोनों किडनी खराब होने की वजह से उसका इलाज 1 अक्टूबर से नागपुर के निजी अस्पताल में किया जा रहा है। हर्ष के चाचा श्याम यदुवंशी के अनुसार 1 माह पहले परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी ने इलाज किया था। करीब 5 सितंबर को सर्दी, खांसी और बुखार होने पर डॉ. सोनी को दिखाया था, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर तीन दिन बाद फिर डॉ. सोनी के पास पहुंचे तो उन्होंने किसी और डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परासिया के ही डॉ. अमित ठाकुर को दिखाया। वहां भी तबीयत में सुधार नहीं होने पर 1 अक्टूबर को नागपुर के न्यू हेल्थ हॉस्पिटल लेकर गए, जहां के डॉक्टरों ने हर्ष की दोनों किडनी खराब होना बताकर इलाज शुरू किया है। घर पहुंचकर परिजनों के बयान लिए हैं। परिजनों से चर्चा भी की। जामुनबिछवा गांव में धुर्वे परिवार ने डॉक्टर का पर्चा भी उपलब्ध करवाया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को आसपास के गांवों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम ने भी दोनों परिजनों के बयान ले लिए हैं। – डॉ. मनोज हुरमाड़े, सीएमएचओ, बैतूल इस मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है। सीएमएचओ के साथ पीड़ित के परिजनों से मिलने गए थे। परिजनों ने दवाई का पर्चा उपलब्ध करवाया है।
– शैलेंद्र बडोनिया, एसडीएम, आमला 18 सितंबर को पर्चा लिखा, 1 अक्टूबर को हुई मौत जामुनबिछवा गांव में गर्मित उर्फ निहाल की मौत के बाद परिजनों ने आदिवासी परंपरा के अनुसार दवा, पर्ची और खिलौने सहित अन्य सामान उसके साथ दफनाया था। सोमवार को कब्र की सफाई के दौरान पिता निखिलेश धुर्वे को डॉक्टर का पर्चा मिला, जिसमें कोल्ड्रिफ सिरप लिखा था। उन्होंने यह पर्चा एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया और सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े को सौंपा।

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