रट्टा न मारें, समझ कर पढ़ें… विषय के संबंध में शिक्षकों से पूछते रहें

भास्कर न्यूज | कवर्धा ग्राम पंचायत दशरंगपुर और बिरकोना हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल का गुरुवार को कलेक्टर गोपाल वर्मा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं-12वीं के स्टूडेंट्स से बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने बच्चों को सफलता के टिप्स भी दिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि विषयों को रटने के बजाय उनकी गहराई में जाकर समझना जरूरी है। जिससे कि परीक्षा में प्रभावी उत्तर लिखे जा सकें। कोई विषय जब तक अच्छी तरह से समझ न आए, तब तक शिक्षकों से उसे पूछते रहें। कलेक्टर ने पूछा कि आप में से कितनों से थ्री इडियट्स फिल्म देखी है। उसमें रट्टा मारने के दुष्परिणाम का भी पता चलता है। कलेक्टर ने बताया कि गहन अध्ययन और विषय की सही समझ ही बेहतर प्रदर्शन का आधार है। दशरंगपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 11वीं के विज्ञान संकाय के छात्रों से कलेक्टर ने अब तक हुई पढ़ाई की प्रगति के बारे में पूछा। उन्होंने बिरकोना हायर सेकेंडरी स्कूल में कला संकाय के अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों के साथ मुद्रा स्फीति, जीडीपी, बहुलक और औसत ज्ञात करने की विधियों पर गहन चर्चा की। इस दौरान डीईओ वायडी साहू, सहायक संचालक एमके गुप्ता, परियोजना अधिकारी कृतिका सिंह उपस्थित थे। पढ़ाई को व्यवहारिक बनाने शिक्षकों को सुझाव कलेक्टर वर्मा ने बिरकोना के पूर्व माध्यमिक स्कूल में कक्षा आठवीं के छात्र-छात्राओं से भी चर्चा की। बताया कि आज अर्धवार्षिक परीक्षा में अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली और परीक्षा की रणनीतियों पर उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा देना सफलता की कुंजी है। निरीक्षण के दौरान विज्ञान, अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय के शिक्षकों से भी संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों को सुझाव दिया कि पढ़ाई को सरल और व्यावहारिक बनाने पर जोर दें, जिससे छात्रों को विषय आसानी से समझ आए। बोर्ड परीक्षा की तैयारी में कलेक्टर की अहम सलाह कलेक्टर ने छात्रों को परीक्षा की तैयारी को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में सफल होने के लिए गहराई से विषय को समझना बेहद जरूरी है। रटने की बजाय विषयों की मूल अवधारणाओं को समझने पर जोर देना चाहिए। नियमित अध्ययन और पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति करना भी बेहतर तैयारी की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी कठिनाई को शिक्षक से साझा करें और अपनी शंकाओं का समाधान जरूर करें। अध्ययन के दौरान स्मार्ट तकनीकों का उपयोग करना जैसे कि महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करना और समय प्रबंधन पर ध्यान देना, परीक्षा की सफलता में सहायक होता है।

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