रणजीत एवेन्यू के 3.73 एकड़ में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से बिना एनओसी लिए व नक्शा पास कराए करीब सवा साल से अवैध तौर पर मल्टीप्लेक्स का निर्माण रोकने को लेकर विभागों के बीच लैटर का खेल तो शुरू हो चुका है। लेकिन ग्राउंड पर कार्रवाई जीरो है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन ने 12 दिन पहले बीते 28 अप्रैल को सीपी को फोर्स उपलब्ध कराने तो डीसी को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाने के लिए लैटर लिखा था। जिसमें 4 मई को फोर्स उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। लेकिन ट्रस्ट को फोर्स उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण कार्रवाई लटक गई है। वहीं अवैध तरीके से खुलेआम जिला प्रशासन-पुलिस व ट्रस्ट की नाक के नीचे मल्टीप्लेक्स का निर्माण 24 घंटे चल रहा है। तीनों ही विभागों में तालमेल का अभाव साफ नजर आ रहा है। हैरानी तो यह है कि निर्माण रोकने को लेकर सेना 4 माह पहले सीपी को लैटर लिख चुकी पर फिर भी एक्शन जीरो है। पुलिस की लापरवाही का यही हाल रहा तो मल्टीप्लेक्स बनकर कंपलीट हो जाएगा। जब इस संबंधी सीपी भुल्लर से बात की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली। वहीं डीसीपी लॉ-एंड-ऑर्डर विजय आलम ने बताया कि इस बारे उनको जानकारी नहीं है न ही उनके पास कोई आदेश आया है। सीपी-डीसी ऑफिस से 500 मीटर दूरी पर ही अवैध मल्टीप्लेक्स बन रहा है। उसमें भी 50 मीटर की दूरी पर आर्मी की जगह है, लेकिन पुलिस अफसरों की चुप्पी साध लेना बड़े सवाल खड़े करती है। चूंकि यह मल्टीप्लेक्स आने वाले समय में नेशनल सिक्योरिटी के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। ट्रस्ट चेयरमैन ने फोर्स उपलब्ध कराने के लिए 4 मई की जो डेट रखी वह अवकाश वाला दिन है। खुद ट्रस्ट के अफसर ही छुट्टी पर रहते। अवैध निर्माण रोकने के लिए 12 दिनों बाद फोर्स भेजने की डिमांड की जा रही। जबकि यह समय लिमिट 7 दिनों की भी हो सकती है। ट्रस्ट के मुताबिक विभाग से बिना नक्शा पास कराए व एनओसी लिए रणजीत एवेन्यू की 97 एकड़ स्कीम में मल्टीप्लेक्स बनाया जा रहा है। हाइट लिमिट और एफएआर भी नियम विपरीत है रंजीत एवेन्यू में अवैध निर्माण हो रहे मल्टीप्लेक्स का काम रुकवाने के लिए पुलिस से फोर्स नहीं मिली है। इस बारे कोई लैटर भी नहीं भेजा गया है। प्रशासन ने ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाया इस बारे भी जानकारी नहीं दी गई न तो ट्रस्ट को लैटर भेजा गया। दफ्तर खुलने के बाद कुछ कहा जा सकता है। -अमनदीप सिंह, एक्सईएन, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जिला प्रशासन ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस सहायता के सभी अनुरोधों पर काफी गंभीरता से नजर रखती हैं। ट्रस्ट के अनुरोध पर अवैध निर्माण-कब्जा या कोई भी इल्लीगल एक्टिविटी रोकने के लिए नायब तहसीलदार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाया जा चुका है। प्रशासन से जो भी मदद चाहिए, 24 घंटे तत्पर है। -साक्षी साहनी, डीसी


