सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर अच्छी खबर आई है। यहां बाघिन टी-111 शक्ति ने 2 शावकों को जन्म दिया है। इससे वन्य जीव प्रेमियों में खुशी की लहर है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथंभौर के जोन 4 और कुण्डेरा रेंज के अधीन आने वाले वन क्षेत्र में विचरण करने वाली बाघिन टी-111 शक्ति 2 शावकों के साथ नजर आई है। फिलहाल वन विभाग की ओर से बाघिन की मॉनिटरिंग व ट्रैकिंग लगातार की जा रही है। इसके साथ ही अब एक बार फिर रणथंभौर में बाघों का कुनबा बढ़ गया है। जामुनदेह के पास शावक के साथ दिखी बाघिन
वन विभाग के अनुसार रविवार सुबह जामुनदेह के पास बाघिन शक्ति 2 शावकों के साथ नजर आई और इसका एक धुंधला फोटो कैमरे में भी कैद किया गया है। इसके बाद पर्यटकों ने इस बारे में वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघिन और शावकों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार टीम को बाघिन की आवाज तो सुनाई दे रही है, लेकिन झाड़ियां अधिक होने के कारण बाघिन अभी नजर नहीं आ रही है। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों की माने तो बाघिन के और भी शावकों को जन्म दिए जाने की संभावना है। दूसरी बार शावकों को दिया जन्म
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन शक्ति की उम्र करीब 7 साल है और यह बाघिन दूसरी बार मां बनी है। पहली बार शक्ति ने साल 2021 में 4 शावकों को जन्म दिया था। बाघिन शक्ति रणथंभौर की बाघिन कृष्णा यानि टी-19 के अंतिम लिटर (ब्यात) की संतान है। साल 2025 में अब तक 7 शावकों का हुआ जन्म
यह साल रणथंभौर के लिए खुशियों से भरा रहा है। इस साल बाघिन टी-2313 ने 2 शावकों को जन्म दिया। वहीं बाघिन सुल्ताना ने 3 शावकों को जन्म दिया है। जबकि बाघिन शक्ति आज 2 शावकों के साथ दिखाई दी है। ऐसे में इस साल अब तक रणथंभौर में 7 नए शावक आ चुके हैं। स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड के पूर्व सदस्य धीरेंद्र के. गोधा ने बताया कि रणथंभौर में बाघिन टी-111 ने शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही बाघों का कुनबा बढ़ना बहुत ही खुशी की बात है। इसका पूरा श्रेय वनकर्मियों को जाता है, जो जमीन पर रहकर काम कर रहे हैं, जिनकी वजह से आज हमारे देश के जंगल सुरक्षित हैं। गोधा ने कहा कि मेरी कामना है कि एक दिन हमारा राजस्थान भी एमपी की तरह टाइगर स्टेट के रूप में जाना जाए।। RTR फर्स्ट में अब 75 बाघ-बाघिन और शावक
रणथंभौर में 1 अक्टूबर से टूरिस्ट सीजन शुरू हुआ है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कुल 10 जोन हैं। इनमें 2 पारियों में टाइगर सफारी होती है। सुबह की पारी में सफारी सुबह 6 से 9 बजे तक होती है। शाम की शिफ्ट में सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होती है। रणथंभौर नेशनल पार्क 1700 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यहां 84 बाघ, बाघिन और शावक हैं। एक बाघ को लगभग 35 किलोमीटर टेरेटरी की आवश्यकता होती है। ऐसे में यहां 50 बाघ रह सकते हैं। यानी रणथंभौर में 40 बाघ-बाघिन क्षमता से अधिक हैं। 2 भागों में बंटा हुआ है RTR
रणथंभौर टाइगर रिजर्व (RTR) को 2 भागों में बांटा गया है। सवाई माधोपुर जिले में स्थित जंगल को RTR फर्स्ट कहा जाता है। जबकि करौली जिले में स्थित और धौलपुर तक फैले जंगल को RTR-2 के नाम से जाना जाता है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम में अब 75 बाघ, बाघिन और शावक हो गए हैं। वहीं दोनों को मिलाकर यह आंकड़ा 90 के आसपास है। 600 करोड़ का टूरिज्म
रणथंभौर टाइगर रिजर्व देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्व में से एक है, जो न केवल टाइगर बल्कि अन्य वन्यजीवों के लिए भी महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। साल 2024 में यहां से लगभग 600 करोड़ रुपए का राजस्व होने की उम्मीद है। यह खबर भी पढ़े… 1. रणथंभौर में 7-साल के बच्चे को टाइगर ने मार डाला:गर्दन पर पंजा रखकर जंगल में बैठा रहा; त्रिनेत्र गणेश के दर्शन करने आया था परिवार सवाई माधोपुर के रणथंभौर में टाइगर ने 7 साल के बच्चे को मार डाला। बच्चा अपनी दादी के साथ त्रिनेत्र गणेश के दर्शन कर लौट रहा था। अचानक जंगल से एक टाइगर आया और बच्चे को मुंह में दबोचकर ले गया। टाइगर काफी देर तक बच्चे की गर्दन पर पंजा रखकर बैठा रहा। यह हमला अमराई वन क्षेत्र में हुआ है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. रणथंभौर फोर्ट में 24 तक एंट्री बंद:त्रिनेत्र गणेश मंदिर में भी नहीं होगा प्रवेश; लोगों ने फैसले का जताया विरोध-धरने पर बैठे सवाई माधोपुर के रणथंभौर फोर्ट में स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। श्रद्धालुओं के लिए त्रिनेत्र गणेश मंदिर में 24 अप्रैल तक एंट्री बंद रहेगी। इसे लेकर वन विभाग ने सोमवार देर शाम एक आदेश जारी किया। इधर मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद करने से नाराज लोगों ने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है जब तक त्रिनेत्र गणेश मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। (पढ़ें पूरी खबर) 3. बाघिन सुल्ताना के मां बनने की संभावना:टी-107 ने मिश्रदर्रा गेट की गुफा में जमाया डेरा, फोटो-वीडियो आने पर होगी पुष्टि रणथंभौर टाइगर रिजर्व बाघिन टी-107 सुल्ताना के शावकों को जन्म देने की अपुष्ट खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि वनाधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन बाघिन के 3 शावकों को जन्म देने की संभावना जताई जा रही है। वनाधिकारियों के अनुसार बाघिन के शावकों के साथ फोटो वीडियो सामने नहीं आए हैं। बाघिन पिछले कुछ समय से मिश्र दर्रा गेट के पास हम्मीर कुंड पर स्थित एक गुफा में डेरा जमाए हुए है। (पढ़ें पूरी खबर)


