उज्जैन रेंज के एडीजीपी उमेश जोगा बुधवार शाम रतलाम पहुंचे। उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और स्पष्ट किया कि ड्रग माफियाओं के खात्मे के लिए अब राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजीपी ने चिकलाना में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले की समीक्षा की और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सूचना संकलन मजबूत करने के निर्देश दिए। एडीजीपी जोगा ने डीआईजी निमिष अग्रवाल और एसपी अमित कुमार से चिकलाना में पकड़ी गई सिंथेटिक ड्रग्स (MD) फैक्ट्री मामले की अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और लगातार नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच के दौरान और भी नाम सामने आने पर आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। मौके से मिली पुलिस वर्दी और आई-कार्ड की भी गहन जांच की जा रही है। आरोपी के नेताओं और पुलिसवालों से थे संपर्क, सब पर होगी कार्रवाई एडीजीपी ने जांच में सामने आए तथ्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी दिलावर खान कुछ राजनीतिक लोगों और बार-बार पुलिस व अन्य अधिकारियों के संपर्क में रहता था। उन्होंने कहा, “हमारी जांच चल रही है। जो भी लोग हैं, उन सभी की संलिप्तता पाई जाती है तो उन पर भी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नेटवर्क में जो भी शामिल मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रतापगढ़ तक जुड़े हैं तार, राजस्थान पुलिस से साधा संपर्क एडीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान रतलाम, मंदसौर और नीमच से जुड़े तस्करी नेटवर्क के तार राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के कुछ गांवों तक जुड़े पाए गए हैं। इस संबंध में राजस्थान पुलिस से संपर्क किया जा रहा है और आगामी दिनों में दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर संयुक्त कार्रवाई करेगी।


