मप्र में नशे की एक और फैक्ट्री मिली है। इस बार रतलाम पुलिस ने आजाद समाज पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष के दिलावर खान पठान के आलीशान मकान में चल रही एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी है। गुरुवार देर रात रतलाम के जावरा के पास चिकलाना गांव में करीब 11 करोड़ 32 लाख मूल्य की साढ़े 10 किलो एमडी ड्रग, 300 लीटर लिक्विड मेफाड्रोन कैमिकल, 12 बोर की 2 बंदूकें और 91 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। दिलावर के बेटे अजहर के नाम बना जम्मू-कश्मीर राइफल्स का फर्जी आर्मी आईडी कार्ड और एक पुलिस वर्दी भी बरामद हुई है। दिलावर के साथ उसके बेटे, एमडी ड्रग बनाने में माहिर उसका दामाद याकूब सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 5 महिलाएं हैं। इस सिंडिकेट का राजस्थान, गुजरात, मुंबई तथा दुबई समेत अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन बताया जा रहा है। कार्रवाई में 40 किलो चंदन लकड़ी, 6 तीतर, 2 मोर मिलने पर वन विभाग ने अलग से केस दर्ज किया है। 10 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल, फोल्डेबल सीढ़ी लेकर पहुंची पुलिस रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि महीनेभर की तैयारी के बाद गुरुवार-शुक्रवार की रात 1 बजे एसडीओपी संदीप मालवीय के नेतृत्व में दो टीआई के साथ 17 सदस्यीय टीम ने रात करीब ढाई बजे छापा मारा। पठान के घर के चारों तरफ 10 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल है। सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसलिए टीम फोल्डेबल सीढ़ी लेकर पहुंची। दीवार फांदकर परिसर में पहुंचे और दरवाजा तोड़ा। आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी की। सभी 16 आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई में लोकेशन ट्रेस करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली गई। भोपाल में चल रही आईपीएस मीट से ही एसपी अमित कुमार टीम को लीड कर रहे थे। आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा, समाजसेवी का चोला भी दिलावर ने जावरा से 2023 में आजाद समाज पार्टी के टिकट पर विस चुनाव लड़ा था। उसे सिर्फ 2,154 वोट मिले थे। यह पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहा। उसे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर का नजदीकी माना जाता है। हालांकि ड्रग सिंडिकेट खुलासे के बाद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र ने बयान जारी कर दिलावर से किनारा कर लिया। पुलिस ने दबिश दी तो उसके घर पर अखिल भारतीय अजा युवजन समाज संभाग अध्यक्ष और ‘दर्पण की चमक’ का ब्यूरो चीफ की नेमप्लेट भी लगी मिली। दिलावर की दो पत्नियां हैं एक फरीदा(60) और दूसरी 25 साल की शाइना। इन दोनों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिलावर के दामाद के वाट्सएप लिंक को ट्रेस करके ड्रग फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में अरनोद पुलिस ने 16 दिसंबर 2024 को दिलावर के देवल्दी निवासी दामाद याकूब खान के यहां से ड्रग फैक्ट्री पकड़ी थी। वहां से 12 करोड़ की एमडी ड्रग्स मिली थी। याकूब की पत्नी और दिलावर की बेटी बखमीना बी केमिस्ट्री की छात्रा रही है। फरारी के दौरान याकूब ने दिलावर के यहां फरारी काटी और पत्नी के साथ मिलकर दिलावर के परिजन को ड्रग्स बनाना सिखाया। कच्ची सामग्री भी उपलब्ध करवाई। इसके पहले दिलावर का परिवार केवल सप्लायर की भूमिका में थे। याकूब एक बंद नंबर से वाट्सएप कॉल के जरिए यह नेटवर्क चला रहा था और उसी वॉट्सएप लिंक के जरिए पुलिस दिलावर के कारखाने तक पहुंची और इस ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। दिलावर खान पठान का अपराध का साम्राज्य बड़े इलाके में फैला है। ढोढर-कालूखेड़ा रूट पर 4 हजार आबादी वाले चिकलाना गांव में सड़क के दाएं तरफ मसजिद के पास ड्रग्स सिंडिकेट के मुख्य आरोपी दिलावर का एक बीघा में साम्राज्य फैला था। आरोपी के परिवार से जुड़े 8 घर हैं। इनका गांव में खौफ और रसूख इस हद तक था कि राजस्थान के मोस्ट वांटेड आरोपी उसी के घर फरारी काटने आते। सरपंच गट्टू सिंह चंद्रावत समेत ग्रामीणों का कहना है कि दिलावर और उसके लोगों ने कई ग्रामीणों की जमीनें छीनीं, उन्हें बेघर किया और करीब दस से अधिक परिवारों को गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।यही कारण रहा कि शुक्रवार को जब आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो लोग जय श्री राम के नारे लगाने लगे और जुलूस निकालने की भी मांग की।
सरपंच गट्टूसिंह के अनुसार 27 जनवरी 2023 को देवनारायण जुलूस के दौरान भांजे इमरान ने पत्थरबाजी की थी। तब भी प्रशासन ने अाधी अधूरी कार्रवाई की। दिलावर धार्मिक आयोजनों में घर के सामने न ढोल बजाने देता था, न डीजे। सूत्र बताते हैं कि आरोपी का भांजा इमरान विदेशों तक कारोबार फैलाए हुए है। इसके परिवार का लग्जरी गाड़ियां और शानो-शौकत भरा रहन-सहन गांव और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय है। आरोपी दिलावर के मंदसौर, सीतामऊ, पित्याखेड़ी, जावरा और इंदौर में प्रॉपर्टी, जबकि अजमेर में होटल होने की जानकारी सामने आई है। दिनदहाड़े हथियारों के साथ शिकार पर निकलना दिलावर के खौफ की सबसे बड़ी मिसाल रहा। इसकी दोनों बेटियों का निकाह ड्रग तस्करी के हब देवल्दी में हुए हैं। वहीं से ये भी इस धंधे में कूदा।


