रतलाम में खाद वितरण की नई व्यवस्था भी किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। मंगलवार से तहसील कार्यालय से टोकन बंटने थे, जिसके लिए किसान सुबह से ही लाइन में लग गए। दोपहर 2 बजे टोकन मिलने थे, लेकिन अव्यवस्था और देरी ने किसानों का गुस्सा भड़का दिया। अब किसानों को खाद के लिए दो बार परेशान होना पड़ रहा है। आज टोकन के लिए और कल खाद लेने के लिए। नई व्यवस्था के तहत अब एक दिन पहले टोकन मिलेगा और अगले दिन खाद। यानी किसानों को दो बार गांव से शहर आना पड़ रहा है। लाइन में लगे किसानों ने कहा कि यहां पानी तक की व्यवस्था नहीं है। हम कामकाज छोड़कर सुबह से बैठे हैं और अधिकारी अपने चैंबर में आराम फरमा रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। नाराजगी: ‘वोट के लिए लाइन, अब खाद के लिए भी लाइन’ परेशान किसानों का गुस्सा सरकार पर फूटा। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा- “कमल का फूल हमारी भूल है।” किसानों का दर्द था कि वोट डालने जाओ तो लाइन, अब खाद लेने के लिए भी घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। पहले रात-रात भर केंद्रों पर जागना पड़ता था, अब दिनभर तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विरोध के बाद बदली थी व्यवस्था, 3 केंद्रों का एक सेंटर दरअसल, पहले किसान खाद केंद्रों पर रात गुजार रहे थे। सोमवार को मंडी में हंगामे के बाद प्रभारी कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने व्यवस्था बदली थी। इसके तहत दिलीप नगर, बिरियाखेड़ी और मंडी केंद्र के टोकन अब एक ही जगह (तहसील कार्यालय) से दिए जा रहे हैं, लेकिन भीड़ और इंतजाम न होने से हालात जस के तस हैं। देखिए तस्वीरें….


