जिले में कुछ डॉक्टर जानबूझकर गंदी लिखावट लिखते हैं, ताकि सभी मेडिकल व्यवसायी उनकी लिखावट नहीं समझ सकें। कुछ डॉक्टरों ने तो अपने मेडिकल खोल रखे हैं और दवाओं का स्टॉकिस्ट भी उसे बना रखा है। इससे बाजार में उनकी लिखी दवा मिलती नहीं। मजबूरन निर्धारित दुकान से खरीदना पड़ती है। हड्डी और चर्म रोग के डॉक्टर यह काम ज्यादा कर रहे हैं। बैठक में उठा मुद्दा
यह विषय जिला औषधि विक्रेता संघ की चतुर्थ कार्यकारिणी सभा में उठा। इसमें औषधि विक्रेताओं ने संघ से इस संबंध में जनहित तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। कार्यकारिणी सभा जिला औषधि विक्रेता संघ अध्यक्ष जय छजलानी की अध्यक्षता में हुई। मध्य प्रदेश केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं विशेष आमंत्रित सदस्य चंद्रप्रकाश जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभा में दवा व्यवसायियों की वर्तमान समस्याओं के साथ आगामी दिनों में प्रस्तावित वार्षिक आम सभा से संबंधित विषयों पर चर्चा की। समस्याओं का समाधान सामूहिक सहमति से करने का निर्णय लिया। यह रहे मौजूद बैठक में उपाध्यक्ष प्रकाश चौरडिया (जावरा), सचिव अजय मेहता, सह-सचिव विनय लोढा, संगठन सचिव दीपक दोशी, और जिले के केमिस्ट मौजूद रहे।


