छिंदवाड़ा में जहरीले सिरप से 16 बच्चों की मौत के बाद रतलाम जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। कलेक्टर मिशा सिंह ने सोमवार को टीएल बैठक में मेडिकल स्टोर्स की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद ड्रग विभाग की टीम ने शहर के कई थोक विक्रेताओं के यहां पहुंचकर जांच की। 7 दुकानों पर हुई जांच
ड्रग इंस्पेक्टर अजय मीणा और बलराम चौधरी ने नाहरपुरा क्षेत्र में स्थित थोक औषधि विक्रेताओं के यहां छापेमारी की।अधिकारियों ने सौम्य फर्मास्युटिकल्स, वीएम इंटरप्राइजेज, श्री मेडिकल एजेंसी, माहेश्वरी मेडिकल एजेंसी, नोबल फार्मा, पूजा मेडिकल एजेंसी और श्री अग्रसेन मेडिकोस में जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों ने कोल्ड्रिफ सिरप, नेस्टो डीएस कफ सिरप और श्री सन फार्मास्युटिकल की दवाइयों के रिकॉर्ड खंगाले, लेकिन कोई संदिग्ध सिरप नहीं मिला। तमिलनाडु वाली कंपनी की दवाएं यहां नहीं मिलीं ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि विक्रेताओं से पूछताछ में पता चला कि छिंदवाड़ा में मिली तमिलनाडु की कंपनी की दवाइयां या सिरप रतलाम जिले में अब तक नहीं आए हैं। फिलहाल, सभी दुकानों के रिकॉर्ड सुरक्षित रखे गए हैं और जांच जारी है। कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर मिशा सिंह ने टीएल बैठक में कहा कि कोल्ड्रिफ सिरप को सरकार ने प्रतिबंधित किया है।उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों से इस सिरप को तुरंत नष्ट किया जाए।साथ ही ड्रग इंस्पेक्टरों को आदेश दिया गया कि प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स में यह सिरप मिलने पर कार्रवाई करते हुए स्टॉक नष्ट कराया जाए। जांच लगातार जारी रहेगी
ड्रग इंस्पेक्टर अजय मीणा ने कहा कि दवा की सप्लाई और बिक्री पर नजर रखी जा रही है।जिन दुकानों पर जांच की गई, वहां फिलहाल प्रतिबंधित सिरप नहीं मिला है।अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि किसी भी स्तर पर मिलावट या अवैध बिक्री न हो सके।


