रविवि में 5 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग:कछुआ चाल… आज आवेदन किया तो छह माह बाद मिलेगी डिग्री

पं. रविशंकर शुल्क विश्वविद्यालय से यूजी-पीजी करने वाले छात्रांे को डिग्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आज आवेदन करने पर उन्हें छह-आठ महीने बाद डिग्री मिल रही है। किसी-किसी मामले में इससे भी अधिक समय लग रहा है। ​डिग्री के करीब पांच हजार से अधिक मामले पेंडिंग है। इनमें ज्यादातर मामले साधारण आवेदन के हैं। दरअसल, रविवि से डिग्री के लिए दो तरह के आवेदन हैं। एक अर्जेंट, जिसका शुल्क 750 रुपए है। वहीं दूसरा साधारण आवेदन जिसका शुल्क 350 रुपए है। इस मामले को लेकर विवि प्रबंधन का कहना है कि डिग्री से संबंधित समस्याओं का जल्द निराकरण होगा। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। अर्जेंट आवेदन करने पर दस से पंद्रह दिन में डिग्री देने का प्रावधान है। कई मामले मंे इसमें भी देरी हो रही है। वहीं दूसरी ओर साधारण आवेदन के आधार पर महीनेभर में डिग्री देने का नियम है। लेकिन इसमें छह महीने, आठ महीने या इससे भी अधिक समय लग रहा है। इसे लेकर छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि डिग्री के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदन में शुल्क के साथ ही संबंधित दस्तावेज जमा करने के बाद भी डिग्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस मामले में जब अधिकारी से पूछते हैं तो वे भी सही से नहीं बताते हैं कि देरी क्यों हो रही है? डिग्री कब तक मिलेगी। वहीं दूसरी ओर विवि के अधिकारियों का कहना है कि आवेदन की जांच में विभिन्न तरह की कमियां मिलती है, जैसे, किसी का नामांकन नहीं है, किसी के पिता के नाम की स्पेलिंग गलत है या फिर कोई अन्य कारण। जो कमियां मिलती है उसे लेकर संबंधित छात्रों को सूचना दी जाती है। छात्रों से जवाब मिलने में देरी होती है। इस कारण से भी डिग्री तैयार करने में देरी होती है। अर्जेंट आवेदन की जांच हो रही, साधारण में देरी रविवि में डिग्री के लिए आवेदन की प्र​क्रिया ऑनलाइन है। इसके बाद इसकी हार्डकॉपी निकाली जाती है, इसमें दिए गए दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके आधार पर डिग्री तैयार होती है। जानकारी के मुताबिक छात्रों से आवेदन मिलने के बाद रविवि में यह देखा जा रहा है कि यह अर्जेंट है या साधारण। अर्जेंट वाले फॉर्म की हार्डकॉपी तो कुछ ही दिनों में निकाली जा रही है और इसे चेक भी किया जा रहा है। लेकिन साधारण आवेदन की हार्डकॉपी कई दिनों तक नहीं निकाली जा रही है। इसमें देरी होने और फिर दस्तावेजों की जांच विलंब से होने की वजह से डिग्री तैयार होने में काफी लंबा समय लग रहा है। कमेटी बनाई गई है : विवि​ रविवि के कुलसचिव डॉ. शैलेंद्र पटेल का कहना है कि डिग्री से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए कमेटी बनाई गई है। उम्मीद कि जल्द ही सुधार होगा और आवेदन करने वाले छात्रों को निर्धारित समय मंे उनकी डिग्री मिल जाएगी।

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