झारखंड में मानसून ने तबाही मचा दी है। मौसम विभाग ने आज रांची, गुमला, खूंटी, रामगढ़ और पश्चिम सिंहभूम में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 26 जून को रांची, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में भारी बारिश के साथ ऑरेंज अलर्ट की संभावना है। रांची में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वज्रपात का भी खतरा है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण 29 जून तक झारखंड में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश और ठनका ने ली सात की जान गई, कई घायल राज्यभर में बारिश और वज्रपात की घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। हजारीबाग में मकान की छत गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई। गढ़वा में अलग-अलग जगहों पर ठनका गिरने से एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हुई। रांची के सोनाहातू में दो महिलाओं की जान चली गई। वहीं रांची शहर में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जमशेदपुर के बिरसानगर में एक फ्लैट पर ठनका गिरा, जिससे वहां रह रहे छात्र की मौत हो गई। रिटायर्ड सैनिक की हुई मौत सोमवार को रांची के बहूबाजार, बसरटोली इलाके में संत माग्रेट बालिका विद्यालय और संत पॉल्स कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर की बाउंड्री वॉल गिर गई। सेवानिवृत्त सैनिक बबलू उरांव अपने दो बेटों 8 साल के विभव खलखो और 12 साल के ऋषभ खलखो को बाइक से स्कूल से ला रहे थे। इसी दौरान तीनों मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने ईंटें हटाकर उन्हें निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बबलू को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। रांची की सड़कों पर पानी, स्कूलों में छुट्टी सोमवार को रांची में मूसलधार बारिश से सड़कों पर जलजमाव हो गया। बिरसा चौक, बंधु नगर, सेवा सदन रोड और कांके रोड जैसे इलाकों में घरों में नाले का पानी घुस गया। पंडरा रोड तालाब में तब्दील हो गया। कई स्कूलों ने छात्रों को समय से पहले छुट्टी दे दी। मौसम विभाग के मुताबिक, रांची में सोमवार को 44 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। लगातार हो रही बारिश का आलम यह है कि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खूंटी के तोरपा में बनई नदी पर बना पुल बह गया, जिससे आवागमन ठप हो गया। लातेहार में औरंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे के घरों पर खतरा मंडरा रहा है। जमशेदपुर में 247 मिमी बारिश हुई, जिससे कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। बोकारो में तेनुघाट डैम के गेट खोलने पड़े।


