ट्रेनों और स्टेशनों पर बोतलबंद पानी की बिक्री और गुणवत्ता को लेकर यात्रियों की शिकायतों के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने 28 अगस्त से दो सितंबर तक विशेष अभियान चलाया। पिछले तीन महीनों में रेल मदद एप, ट्विटर और शिकायत पुस्तिकाओं में 37 शिकायतें दर्ज हुई थीं। इसके बाद जोन के चीफ कमर्शियल मैनेजर (पैसेंजर सर्विसेज एंड कैटरिंग) अरविंद कुमार सिंह ने सात सदस्यीय टीम गठित की। अधिकारियों को अलग-अलग ट्रेनों और स्टेशनों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। इस अभियान में चक्रधरपुर, रांची, आद्रा और खड़गपुर डिवीजन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों और स्टेशनों को शामिल किया गया। जांच के दौरान टाटानगर स्टेशन पर डिप्टी सीसीएम पैसेंजर सर्विसेज अर्जुन मजूमदार और चक्रधरपुर रेल मंडल के डीसीएम दीपक मुर्मू ने निरीक्षण किया। यहां स्टॉलों में कर्मचारियों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट और पहचान पत्र नहीं पाए गए। हालांकि स्टॉल पर रेलनीर की बिक्री हो रही थी। वहीं रांची स्टेशन पर रेलनीर की जगह दूसरी कंपनियों का पानी बेचा जा रहा था। यहां डिप्टी सीसीएम अर्जुन मजूमदार ने 30 पेटी अवैध बोतलबंद पानी जब्त किया। इन्हें मिली थी जांच की जिम्मेदारी जांच टीम में डिप्टी सीसीएम पैसेंजर सर्विसेज अर्जुन मजूमदार, डिप्टी सीसीएम (सीआई) देवराज बनर्जी, डिप्टी सीसीएम (स्पेशल) प्रवीर कुमार घोषाल, डिप्टी सीसीएम (एफएम) गुलाबचंद गुप्ता, एसीएम रिफंड अनुराग त्रिपाठी, एसीएम रिजर्वेशन पवन चौरसिया, एसीएम (पीएस) मुकेश कुमार और एसीएम (एफएम) अश्विनी मिश्रा शामिल थे। इन अधिकारियों ने विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में जांच की तथा अवैध बिक्री की पुष्टि होने पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।


