छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे एक राइस मिलर पर साढ़े 9 लाख कर फाइन लगाया जा रहा है। मामला बलौदाबाजार भाटापारा जिले के कसडोल विकासखंड के ग्राम सुखरी का है। यहां मेसर्स जयराम राइस मिल पर ये कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि 380 क्विंटल शासकीय धान कम पाए जाने पर कलेक्टर दीपक सोनी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस गड़बड़ी के एवज में राइस मिल द्वारा जमा की गई 50 लाख रूपए की बैंक गारंटी से 9.50 लाख रूपए की वसूली की जाएगी। कलेक्टर दीपक सोनी ने कस्टम मिलिंग की बकाया राशि का भुगतान भी वसूली पूर्ण होने तक रोके जाने का आदेश जारी किया गया है। राज्य बनने के बाद सबसे ज्यादा खरीदी
छत्तीसगढ़ में इस खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। इसमें मोटा धान 81.98 लाख मीट्रिक टन, पतला धान 10.75 लाख मीट्रिक टन और सरना धान 56.52 लाख मीट्रिक टन शामिल है। धान की यह खरीदी राज्य बनने के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। धान खरीदी का सिलसिला 14 नवंबर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक निरंतर जारी रहा जिसके अंतर्गत राज्य के पंजीकृत 25 लाख 49 हजार 592 किसानों ने धान विक्रय किया।
धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 31 हजार 89 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। महासमुंद जिला सर्वाधिक 11.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर राज्य में पहले नंबर पर है। वहीं बेमेतरा जिला 9.38 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर दूसरा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिला 8.56 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर तीसरा स्थान हासिल की है।


