राजगढ़ के सकट के ग्रामीण कलेक्टर के पास पहुंचे:सर्दी के दिनों में भी पानी का संकट, पडौसी गांव वाले बोर नहीं होने दे रहे

अलवर के राजगढ़ के सकट गांव में पानी का संकट छाया है। गांव वाले सोमवार को अलवर कलेक्टर के पास पहुंचे। यहां अवगत कराया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत 3.50 करोड़ रुपए बोरिंग के लिए मंजूर हो गए। लेकिन पड़ौसी गवाड़ा गांव में बोरवैल नहीं होने दिया जा रहा। इस कारण पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका। ग्रामीण बाबूलाल शर्मा ने बताया कि सकट में पिछले करीब 20 वर्षो से पानी की समस्या है। पूरे गांव में पानी नहीं है। जो ड्राइ घोषित हो चुका है। सरकार व अधिकारियों को खूब अवगत करा दिया। लेकिन सुध नहीं ली गई। पहले भी अलवर कलेक्टर से मिल चुके हैं। हर बार आश्वासन देकर भेज दिया जाता है। दूर दूर से पानी के टैंकर मंगाने को मजबूर हैं। ग्रामीण हरिओम लाटा ने बताया कि 3 करोड़ 53 लाख की लागत से पानी की बोर होनी थी लेकिन अभी तक नही हो पाई। असल में हमारे गांव में पानी नहीं है और बगल के गवाड़ा गांव में पानी की बोरवैल होने नहीं दी जा रही है। इस कारण पूरे गांव के लोग परेशान हैं। गवाड़ा के ग्रामीण मानते हैं कि उनके यहां बोर होगा तो जमीन में पानी जल्दी खत्म हो जाएगा। इस कारण गुवाड़ा की गोचर भूमि में बोरिंग नहीं होने दी गई। SDM व सम्बंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अभी तक ग्रामीणों की किसी ने भी सुध नही ली। कुछ दिन पहले ग्रामीण एकत्रित होकर जिला कलेक्टर के पास आए थे लेकिन आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया।

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