राजगढ़ जिले में चल रही जल जीवन मिशन और ग्रामीण पेयजल योजनाओं में लापरवाही का मामला अब एफआईआर तक पहुंच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो ठेकेदार कार्य पूरा करने में नाकाम रहेंगे, उनके खिलाफ सीधे पुलिस में मामला दर्ज किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जल निगम के अफसरों को निर्देशित किया है कि जिन योजनाओं में लगातार देरी हो रही है, उन ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल एफआईआर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खास तौर पर कुंडालिया और मोहनपुरा समूह जल प्रदाय योजनाओं में रोड रेस्टोरेशन, पाइपलाइन कमीशनिंग, टंकी निर्माण और हर घर जल प्रमाणीकरण जैसे कार्यों में धीमी प्रगति पर सख्त नाराजगी जताई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि एलएंडटी कंपनी से जुड़े प्रोजेक्ट अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। गांवों में खेती के लिए पेयजल का दुरुपयोग, टिल्लू पंप लगाकर अवैध जल दोहन और पानी चोरी के मामलों को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। इसके साथ ही जल प्रभार की वसूली नहीं करने वाली पंचायतों, टंकी निर्माण में सहयोग नहीं देने वाली ग्राम पंचायतों और कार्य में अड़चन डालने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। पीपल्या खास और अमरपुरा गांवों में सप्लाई लाइनों की तकनीकी जांच के आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में दिए गए कनेक्शनों का ब्योरा तलब किया गया है। ग्राम जल समितियों को सक्रिय करने, सदस्यों को प्रशिक्षण देने और सभी योजनाओं में बल्क फ्लो मीटर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ब्यावरा क्षेत्र में पानी चोरी के एक बड़े मामले में अब तक एफआईआर और जुर्माना वसूली नहीं होने पर भी प्रशासन ने नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अब पेयजल योजनाओं में लापरवाही, काम में देरी और पानी चोरी जैसे मामलों में एफआईआर और सख्त कानूनी कार्रवाई से कोई भी नहीं बचेगा।


