राजगढ़ जिले में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नागरिक सीधे विभागीय अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखते हैं और तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इस सप्ताह राजस्व विभाग से संबंधित पांच शिकायतों की समीक्षा की गई। शिकायतकर्ता जितेन्द्र वर्मा ने ग्राम मण्डावर तहसील नरसिंहगढ़ खसरा नंबर 2067/1/2/1 की भूमि की ऑनलाइन नकल अपडेट न होने की समस्या बताई। जांच में हल्का पटवारी प्रमोद तिवारी की लापरवाही पाई गई। कलेक्टर ने उन्हें तत्काल निलंबित किया और नायब तहसीलदार तलेन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पटवारी सस्पेंड, तहसीलदार को नोटिस
दूसरी शिकायत में लक्ष्मी नारायण मेहर ने ग्राम बिसौनिया, तहसील सुठालिया की 6 बीघा भूमि (खसरा नंबर 68/13) की ऑनलाइन नकल अपडेट न होने की समस्या बताई। इसके लिए हल्का पटवारी कैलाश नारायण वर्मा को तत्काल निलंबित किया गया और तहसीलदार सुठालिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। रीडर और एडीएम की वेतन वृद्धि रोकी
तीसरी शिकायत में राजेन्द्र परमार ने बताया कि चंदर सिंह और रोशन सिंह की 16 बीघा भूमि (खसरा नंबर ½, हल्का नंबर 32) ऑनलाइन अपडेट नहीं हुई। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर राजगढ़, एसडीएम सारंगपुर और तहसीलदार पचोर को कारण बताओ नोटिस जारी किए। साथ ही, एसडीएम रीडर सारंगपुर और एडीएम राजगढ़ की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। चौथी शिकायत में लखन तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा। जांच में पाया गया कि आवेदक की समग्र आईडी तिदौनिया और भोजपुर में दो जगह मैप होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा। कलेक्टर ने हल्का पटवारी तिदौनिया और हल्का पटवारी भोजपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि यह पहल न केवल प्रशासन और आमजन के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित कर रही है, बल्कि अधिकारियों में जवाबदेही और शिकायतों के समय पर निपटान को भी सुनिश्चित कर रही है।


