राजगढ़ जिले में मानवता को झकझोर देने वाली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गुरुवार को शहर के कलेक्टर बंगले के पास स्थित कब्रिस्तान वाले नाले में एक भ्रूण पड़ा हुआ मिला। सुबह साढ़े 12 बजे नाले के पास से गुजर रहे लोगों की नजर पड़ी और तत्काल इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा बनाया और भ्रूण को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां भ्रूण का पोस्टमार्टम किया गया। गौरतलब है कि जिले में एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी गंभीर घटना है। इससे पहले चार दिन पहले खिलचीपुर थाना क्षेत्र के बरुखेड़ी गांव में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने समाज और प्रशासन दोनों को चिंता में डाल दिया है। अवैध गर्भपात की आशंका पर जांच
फिलहाल इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भ्रूण नाले तक कैसे पहुंचा, किसने और किन हालात में इसे यहां लाकर फेंका यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। क्या यह अवैध गर्भपात का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह, इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ अस्पतालों और निजी क्लीनिकों से भी जानकारी जुटा रही है। ताकि इस अमानवीय कृत्य के पीछे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा जा सके। राजगढ़ जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए लाया गया भ्रूण करीब 5 से 6 माह का था। भ्रूण का पोस्टमार्टम डॉ. देवांग शर्मा द्वारा किया गया। जांच में पाया गया कि भ्रूण पूर्ण रूप से विकसित नहीं था और उसके लैंगिक लक्षण भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं थे, इसके बावजूद चिकित्सकीय परीक्षण में वह फीमेल भ्रूण पाया। यह भी पढें… रायसेन में 8॰ ठंड में झाड़ियों में मिला नवजात:नाल तक नहीं कटी थी रायसेन जिले के सिलवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत सलैया गांव में सोमवार सुबह कड़ाके की ठंड के बीच एक नवजात शिशु झाड़ियों में लावारिस हालत में मिला। घटना के समय क्षेत्र में न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पूरी खबर पढ़िए…


