राजगढ़ में शुक्रवार को कोटवार संघ के बैनर तले जिलेभर के कोटवारों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और अधिकारियों पर निजी काम कराने का आरोप लगाया। कोटवारों का कहना है कि उनसे राजस्व और चौकीदारी के बजाय अफसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा, बर्तन साफ करने और सब्जी लाने जैसे निजी काम कराए जाते हैं, जबकि बेगारी पर स्पष्ट रोक के आदेश हैं। कोटवार संघ के आह्वान पर जिलेभर के सैकड़ों कोटवार पहले कलेक्ट्रेट परिसर की पार्किंग में एकत्र हुए। यहां बैठक के बाद उन्होंने नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। आरोप- अफसर झाड़ू-पोंछा करवाते हैंं
कोटवार संघ के जिला उपाध्यक्ष मांगीलाल दुबे ने अपनी मुख्य मांगें बताईं। उन्होंने कहा कि कोटवारों को वर्दी की जगह उसकी राशि सीधे खातों में दी जाए। कोटवारों के बीमा की एक लाख रुपए की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान हो। हर वर्ष अप्रैल माह से वेतन वृद्धि लागू की जाए और सेवानिवृत्त कोटवार के बेटे को नियुक्ति मिले। इसके अतिरिक्त, कोटवारों की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं। उन्होंने वर्ष 2007 में जारी उस आदेश का सख्ती से पालन कराने की भी मांग की, जिसमें कोटवारों से किसी भी प्रकार की बेगारी न लेने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपने के बाद एक कोटवार ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उन्हें वेतन समय पर नहीं मिलता और चौकीदारी के नामांतरण जैसे कामों के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं। कोटवार ने आरोप लगाया कि कई अधिकारी आज भी उनसे अपने घरों में झाड़ू-पोंछा, बर्तन साफ करने, बगीचे का काम और बाजार से सब्जी लाने जैसे निजी काम कराते हैं।


