राजगढ़ जिले में शीतलहर के चलते ठंड का असर और तेज हो गया है। गुरुवार सुबह जिले की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। सड़कों और गलियों पर धुंध छाई रही। करीब 8 बजे धूप निकली, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। हालात ऐसे रहे कि सुबह साढ़े 9 बजे तक लोग अलाव के सामने बैठे ठिठुरते नजर आए। पिछले दो दिनों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस था, जो गुरुवार को घटकर 4.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यानी दो दिन में पारा पूरे 1 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन शीतलहर के कारण दिन में भी ठंड का असर महसूस हो रहा है। जनजीवन प्रभावित, अलाव और चाय दुकानों पर भीड़ ठंड का असर जनजीवन पर साफ नजर आया। जरूरी काम से बाहर निकले लोग सिर, चेहरे और हाथ-पैर तक गर्म कपड़ों से ढककर बाइक और अन्य वाहनों से चलते दिखे। सुबह के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही कम रही। वहीं चाय की दुकानों और अलाव के आसपास लोगों की भीड़ लगी रही। प्रदेश में तीसरा सबसे ठंडा जिला प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में राजगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। मंदसौर में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सबसे ठंडा जिला रहा। गिरवर (शाजापुर) में 3.8 डिग्री तापमान रहा। इसके बाद राजगढ़ में 4.4 डिग्री, इंदौर में 4.9 डिग्री और भोपाल में 5.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। कुछ दिन और जारी रह सकती है शीतलहर मौसम जानकारों के अनुसार शीतलहर का असर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है। लोगों को सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।


