राजगढ़ जिले में रविवार को ठंडी बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का व्यापक असर देखा गया। सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाके घने कोहरे की चादर में लिपटे रहे। बिरसा मुंडा चौराहा, खिलचीपुर नाका और नेशनल हाईवे-52 सहित कई क्षेत्रों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो गई। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। तेज ठंडी हवाओं और ओस की बूंदों ने ठंडक को और बढ़ा दिया। खिलचीपुर नाके पर स्थित 100 फीट ऊंचा तिरंगा तेज हवा के झोंकों के कारण लहराता दिखा। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय सड़क किनारे और घरों से बाहर निकलने वाले लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। कई स्थानों पर लोग अलाव जलाकर गर्मी पाने का प्रयास करते दिखे। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और सड़क किनारे काम करने वाले लोग इस ठंड से सर्वाधिक प्रभावित हुए। रविवार को पारा 5 डिग्री पहुंचा
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस था, जो रविवार को घटकर 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस गिरावट के साथ राजगढ़ मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला बन गया है। विशेषज्ञों ने आगामी दिनों में भी कोहरे और ठंडी हवाओं का प्रभाव जारी रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने लोगों से सुबह और शाम के समय वाहन चलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखने, तेज रफ्तार से बचने और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार, घने कोहरे और ठंड के इस दौर में सतर्कता ही सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कर सकती है। सुबह की तस्वीरें


