ट्रैफिक की चुनौतियों से जूझ रही राजधानी जयपुर में राज्य सरकार एक मेगा प्रोजेक्ट लाने की तैयारी में है। सरकार की द्रव्यवती नदी के ऊपर सिंगल पिलर पर शहर की सबसे बड़ी एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना है, जिसके लिए जेडीए कमिश्नर, डायरेक्टर इंजीनियर, एक्सपर्ट और अदाणी ग्रुप की टीम ने द्रव्यवती साइट का विजिट भी कर लिया है। प्राथमिक सहमति बनी है कि एलिवेटेड का प्रस्तावित अलाइनमेंट द्रव्यवती नदी के मार्ग से उसके ऊपर होकर गुजरेगा। फिलहाल, नदी की राइट ऑफ वे चौड़ाई 30 से 60 मीटर है। इससे एक 6 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर और प्रमुख शहरी नोड्स को जोड़ने के लिए 2 लेन की एंट्री-एग्जिट रैंप के निर्माण की संभावना देखी जा रही है। परियोजना की अनुमानित लंबाई बंबाला पुलिया से मजार डैम के बीच 25-30 किमी तक मानी जा रही है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5 हजार करोड़ से ज्यादा मानी जा रही है। इस संबंध में उन्होंने एक अनौपचारिक रिपोर्ट भी दी है। आखिर द्रव्यवती ही क्यों?… शहर का बड़ा हिस्सा कवर होगा और न्यूनतम बाधा मेगा प्रोजेक्ट की राह में 7 बड़ी चुनौतियां 1. द्रव्यवती नदी के ऊपर से प्रोजेक्ट की योजना को मूर्त रूप देना ही बड़ा चैलेंज है, जिसके लिए सभी जरूरी प्रावधान और सावधानियों पर मंथन जरूरी है।
2. दूसरा, प्रस्तावित कॉरिडोर में बंबाला ब्रिज के पास प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर, न्यू सांगानेर रोड पर मौजूदा मेट्रो और अजमेर रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर के ऊपर से गुजरना होगा।
3. मिलिट्री एरिया से होकर गुजरने वाले अलाइनमेंट में निर्माण से जुड़े मसले। जिसके लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमोदन की जरूरत होगी।
4. परियोजना मार्ग में रामपुरा डैम, गुलर डैम और सीकर रोड डैम जैसे जलाशय आते हैं।
5. दो रेलवे क्रॉसिंग एक रीको औद्योगिक क्षेत्र के पास और दूसरी जयपुर रेलवे स्टेशन के पास मिलिट्री कंटोनमेंट क्षेत्र में।
6. प्रोजेक्ट अलाइनमेंट में दो जगह ईएचटी (एक्स्ट्रा हाईटेंशन) लाइनें आ रही हैं।
7. कुछ जगह अलाइनमेंट में घनी आबादी क्षेत्र मसलन- सुशीलपुरा, पंचवटी कॉलोनी, महादेव नगर आदि। यानी, नदी के दोनों ओर खाली जमीनें नहीं हैं। (साइट विजिट के बाद इसी सप्ताह तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार)


