राजधानी में लगे हिड़मा अमर रहे के नारे:प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे थे छात्र, समूह में लगाया कामरेड हिड़मा-माओवादियों के समर्थन में नारा; दो दर्जन हिरासत

देश की राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट में नक्सली लीडर माडवी हिड़मा और नक्सलियों के समर्थन में शनिवार को नारे लगे। इंडिया गेट में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के गुट ने हिड़मा और माओवादियों की नीति को सही बताया। इस दौरान हिड़मा के अमर रहने के नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारी छात्रों की इस हरकत के बाद ड्यूटी में मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने एक्शन लिया। दो दर्जन से ज्यादा छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पॉल्यूशन पर विरोध करने हुए थे एकजुट दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में कई दिनों से युवाओं का एक समूह बढ़ते प्रदूषण और जहरीली होती हवा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को कुछ यूथ ग्रुप इंडिया गेट के पास फिर एक बार पॉल्यूशन के खिलाफ आवाज उठाते दिखे, नारे भी लगाए पर इस बीच उनके मुंह से निकला एक नारा विवाद की शक्ल ले रहा है। सरकार के खिलाफ पॉल्यूशन को लेकर ऐक्शन की मांग को लेकर नारे लगाते युवक-युवती अचानक मारे गए नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा अमर रहे के नारे लगाने लगे। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। अब पढ़े छात्रों ने मीडिया को क्या कहा सोशल मीडिया में छात्रों के गुट का चार मिनट का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छात्र नक्सली हिड़मा और माओवादियों के समर्थन में चर्चा करते दिख रहे है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी के बीच में कामरेड हिड़मा अमर रहे, जल जंगल जमीन की लड़ाई जिंदाबाद का नारा लगा। इसके बाद छात्रों ने कहा, कि दिल्ली में केवल प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। सरकार जनता के हित में नहीं, बल्कि प्रॉफिट के हित में काम कर रही है। इस मॉडल को बदलने की जरूरत है। जनता के हित में मॉडल लाने की जरूरत है। उस मॉडल को लाने की जरूरत है, जिसे माओवादी बस्तर और बीजापुर में लेकर आए है। हमे वैसे ही चीज लेकर आनी है। हमको जल, जंगल, जमीन और माओवादी की लड़ाई को आगे लेकर जाना होगा और उनका साथ देना होगा। अब पढ़े दिल्ली पुलिस का अधिकृत बयान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा, कि 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारी थे। इसमें से कुछ चले गए और 30 लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इन लोगों ने रोड़ को जाम कर दिया था। इस वजह से यातायात प्रभावित हो रहा था। हमने उन्हें सड़क से हटाने की कोशिश की, तो उन लोगों में आंखों में पेपर स्प्रे डाल दिया। इस वजह से कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए है। कई राहगीरों को समस्या का सामना प्रदर्शन की वजह से करना पड़ा। प्रदर्शन में कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी हुई। इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 18 नवंबर को हुआ था हिड़मा का एनकाउंटर 18 नवंबर को वांटेड नक्सली माडवी हिड़मा को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था, साथ में उसकी पत्नी को भी गोली मारी गई थी जिससे उसकी भी मौत हो गई थी। माडवी हिड़मा मंगलवार को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में एक एनकाउंटर में मारा गया था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस सफलता को नक्सलवाद के ‘ताबूत में आखिरी कील’ बताया था। बस्तर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि सुरक्षा बलों ने मंगलवार की सुबह पड़ोसी राज्य के अल्लूरी सीतारामाराजू जिले में मारेदुमिल्ली के जंगल में 51 वर्षीय हिड़मा को मार गिराया। इस कार्रवाई में हिड़मा की पत्नी माडकम राजे और चार अन्य नक्सली भी मारे गए हैं। अब पढ़े हिड़मा कौन था

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