राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष की समाप्ति नजदीक आने के साथ ही नगर पालिक निगम ने राजस्व वसूली में सख्ती बढ़ा दी है। बकाया प्रीमियम और दुकान किराया जमा न करने वाले व्यवसायियों के खिलाफ निगम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान भैंसा कोठा व्यावसायिक परिसर की 10 दुकानों को सील कर दिया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, भैंसा कोठा परिसर की कुल 17 दुकानों में से 10 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पहले की गई थी। हालांकि, लंबी अवधि बीत जाने के कारण शासन और कलेक्टर स्तर पर इन नीलामियों को अंततः निरस्त कर दिया गया था। नीलामी निरस्त होने के बाद संबंधित दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए बार-बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बावजूद परिसर खाली न करने पर निगम के अमले ने मौके पर पहुंचकर सीलबंदी की कार्रवाई की। जांच के दौरान तीन दुकानों पर अवैध कब्जा भी पाया गया। राजस्व वसूली के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए कलेक्टर जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा स्वयं प्रतिदिन निगरानी कर रहे हैं। उनके निर्देश पर राजस्व अधिकारी राजेश तिवारी के नेतृत्व में निगम की टीम सक्रिय है। इससे पहले हाईटेक बस स्टैंड जेल रोड की दुकानों पर भी प्रीमियम जमा न होने के कारण ताला लगाया गया था। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल दुकान किराया ही नहीं, बल्कि संपत्तिकर, जलकर और समेकित कर के बड़े बकायादारों पर भी कार्रवाई की जाएगी। बकायादारों को अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भुगतान न करने की स्थिति में नल कनेक्शन काटने और कुर्की जैसी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा, “शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली अनिवार्य है। करदाताओं से अपील है कि वे समय पर अपने करों और किराए का भुगतान करें ताकि अधिभार (पेनाल्टी) और सीलबंदी जैसी दंडात्मक कार्यवाही से बचा जा सके।”


