राजनांदगांव निगम का 696 करोड़ का बजट पेश:नालंदा परिसर, आवास योजना और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर विशेष फोकस

राजनांदगांव नगर पालिक निगम के महापौर मधुसूदन यादव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। इस बजट में कुल 696 करोड़ 70 लाख 50 हजार रुपए का व्यय प्रस्तावित है। कुल आय 696 करोड़ 47 लाख 55 हजार रुपए अनुमानित है। बजट में 22 लाख 95 हजार रुपए का घाटा प्रस्तावित है। बजट में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नालंदा परिसर के निर्माण हेतु 11.42 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना फेस-2 के तहत ‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना में छूटे हुए परिवारों को आवास का लाभ देने के लिए 45.73 करोड़ रुपए रखे गए हैं। शहर के नालों के पानी को शोधित कर उपयोगी बनाने के लिए अमृत मिशन फेस-2 के तहत दो स्थानों पर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। पारीनाला में 15 एमएलडी और मोहारा में 26 एमएलडी क्षमता के प्लांट के लिए 37 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में नए बजट में आय और व्यय दोनों में वृद्धि की गई है। पिछले वर्ष की पुनरीक्षित आय 246.43 करोड़ रुपए थी, जबकि व्यय 252.54 करोड़ रुपए था। महापौर ने कहा कि यह बजट विकसित शहर के निर्माण और आम आदमी के विकास पर केंद्रित है। विशेष रूप से पिछड़े और कमजोर आय वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर ध्यान दिया गया है। – ऑडिटोरियम निर्माण (2000 सीटर)- लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर विभिन्न आयोजनों के लिये सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – गौरव पथ निर्माण- शहर के एक प्रमुख मार्ग को सौंदर्यीकरण कर गौरव पथ निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – तालाब उन्नयन (सौंदर्यीकरण) मरीन ड्राइव की तर्ज पर- निकाय क्षेत्र के एक बड़े तालाब को मरीन ड्राइव की तर्ज पर सौंदर्यीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए (पीपीपी मॉडल) रुपए का प्रावधान रखा गया है। – रोड चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और अन्य अतिरिक्त निर्माण कार्य- गंज चौक से कन्हारपुरी तक रोड चौड़ीकरण के साथ सौंदर्यीकरण के लिए 11 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – मोहारा, लखोली, जनता कॉलोनी और अन्य क्षेत्र में पेयजल के लिए पाइप लाइन विस्तार- निगम सीमाक्षेत्र के वार्डों में सुचारू पेयजल उपलब्ध कराने पाइप लाइन विस्तार के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – थोक मार्केट व शॉपिंग कॉम्पलेक्स निर्माण- नगर निगम की आय में वृद्धि करने और लोगों की सुविधा के लिये शहर में थोक मार्केट निर्माण और पुत्रीशाला, गुड़ाखू लाइन औषधालय और पुराना बस स्टैंड में शॉपिंग कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए 7942.50 लाख रुपए का प्रावधान रखा है। – शहर के उद्यानों का जीर्णोद्धार- निगम सीमा क्षेत्र स्थित उद्यानों का जीर्णोद्धार और संधारण के लिए 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – मूलभूत सुविधा- शहर के लोगों को मुलभूत सुविधा उपलबध कराने पार्षदों की मांग अनुसार नाला, नाली निर्माण और सड़क डामरीकरण कार्य के लिये 7624 लाख रुपए का प्रावधान रखा है। – मोहारा फिल्टर प्लांट गंज चौक, नंदई चौक से इंदिरा नगर टंकी तक 600 एम.एम. राइजिंग मेन पाइप लाइन विस्तार- शहर में सुचारू पेयजल आपूर्ति करने राइजिंग मेन पाइप लाइन विस्तार के लिए 6 करोड़ 58 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – नार कन्हैया नाला से जिला चिकित्सालय तक नाला निर्माण कार्य- इंदिरा नगर एवं जिला चिकित्सालय को डुबान से बचाने नाला निर्माण करने 3 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – पेंड्री मेडिकल कॉलेज के शेष सड़क निर्माण- सुगम आवागमन की दृष्टिकोण से पेंड्री मुक्तिधाम रोड से मेडिकल कॉलेज तक शेष रोड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – ट्रांसपोर्ट नगर जीर्णोद्धार- शहर में यातायात का दबाव कम करने भारी वाहनों के खड़े करने पेंड्री जीई रोड में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया गया है, जिसके जीर्णोद्धार करने 5 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – ऑडिटोरियम जीर्णोद्धार- निगम द्वारा गौरव पथ में विभिन्न आयोजनों के लिये निर्मित ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार के लिये 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण- शहर के विभिन्न चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिये 2 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। जिसके तहत ट्रांसपोर्ट नगर चौक को महाराजा रणजीत सिंह चौक कर प्रतिमा स्थापना और इंदिरा नगर चौक में उपयुक्त स्थान पर स्व. लीलाराम भोजवानी स्मृति प्रवेश द्वार का निर्माण के साथ वैष्णव समाज की जमीन पर राजनांदगांव विरासत के सभी राजाओं की प्रतिमा स्थापित किया जाना है। – कार्यालय उन्नयन कर्मचारी उत्थान- निगम में कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के सुचारू कार्य संपादन के लिये क्रमोन्नति, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण के साथ पेंशनरों के लिए भवन उपलब्ध कराने के अलावा कार्यालय उन्नयन के तहत 1 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – बीपीसीएल – सीबीजी एग्रीमेंट (बोईरडीह)- शहर से निकलने वाले कचरे का निष्पादन करने शासन स्वीकृति अनुसार शहर से लगे ग्राम बोईरडीह में भूमि उपलब्ध कराया गया है, जिसका भूभाटक राशि 8.00 लाख रुपए निगम द्वारा जमा किया गया है, उक्त भूमि बीपीसीएल को प्लांट लगाने के लिए प्रदान किया जाएगा, जिससे नगर निगम क्षेत्र के कचरा का निष्पादन होगा और आस-पास के लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। – चिखली ओव्हर ब्रिज से चिखली रोड चौड़ीकरण- शासन द्वारा सुगम यातायात के लिये रोड चौड़ीकरण के तहत चिखली ओव्हर ब्रिज से चिखली तक रोड चौड़ीकरण के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। – खेल सुविधा एवं ओपन जिम- निगम सीमाक्षेत्र के खिलाड़ियों को सुविधा उपलब्ध कराने और दिग्विजय स्टेडियम में ओपन जिम लगाने 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा है। – रॉ वाटर- शहर में ग्रीष्म ऋतु में संकट से निजात पाने के लिये शासन द्वारा सिचाई विभाग के माध्यम से मोंगरा बैराज से चादो डायवर्सन होते हुये रॉ वाटर के लिए पाइप लाइन बिछाने 15 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। जिससे रॉ वाटर बिना नुकसान से मोहारा एनीकट तक सुगमता से पहुंचेगा। – शिवनाथ नदी उन्नयन- शासन द्वारा प्रावधान अनुसार निगम सीमाक्षेत्र के जीवनदायनी नदी को सुरक्षित रखने व कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा तटबंद का निर्माण और लोगों के मनोरंजन के लिये लक्ष्मण झूला और उद्यान निर्माण के लिये 50 करोड़ रुपए प्रावधान रखा गया है, जिससे शिवनाथ नदी को कटाव से बचाया जाएगा। – मोहारा शिवनाथ नदी एनीकट ऊंचाई- जल संसाधन विभाग द्वारा मोहारा स्थित शिवनाथ नदी में एनीकट का निर्माण किया गया है। एनीकट की ऊंचाई कम होने के कारण जल संचयन कम होता है, जिससे ग्रीष्म ऋतु में शहर में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होती है, जिसके निराकरण के लिये एनीकट की ऊंचाई बढ़ाने 5 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। – तालाब सौंदर्यीकरण- निगम सीमाक्षेत्र स्थित विभिन्न तालाब जो वर्षों पुराने हैं, कई तालाब तो रियासत कालीन है, जिनके संवर्धन और संरक्षण के लिये 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। – वाटर हार्वेस्टिंग- आज के युग में बढ़ती आबादी के हिसाब से भवन और अन्य निर्माण के कारण पेड़-पौधे काटे जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है और जल संकट उत्पन्न हो रहा है। धरती में जल स्तर बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम वाटर हार्वेस्टिंग है, जिसके लिये 20 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – सौर ऊर्जा- निगम सीमा क्षेत्र के विस्तार होने के कारण शहर में विद्युतीकरण बढ़ रहा है, जिसका रखरखाव विद्युत से करने में कठिनाई होती है, जिसके निराकरण के लिये शहर के सेंटर लाइट का संचालन सौर ऊर्जा के माध्यम से किये जाने 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – आयोजन के लिए मैदान निर्माण- शहर में विभिन्न बड़े आयोजन व कार्यक्रम करने तथा मनोरंजन के प्रमुख साधन, मीना बाजार, प्रदर्शनी आदि के लिये शहर में मैदान निर्माण करने 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। – नवीन सड़क निर्माण- बैगा पारा लखोली में वृद्धा आश्रम होते हुए जीई रोड तक नवीन सडक निर्माण के लिए 150 लाख का प्रावधान रखा गया है।

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