राजनांदगांव पुलिस भर्ती धांधली में नया खुलासा:नंबर बढ़ाने आरक्षक ने लिए थे पैसे, सुसाइड नोट में लिखा था- अधिकारियों को बचाया जा रहा

राजनांदगांव में पुलिस आरक्षक अनिल रत्नाकर की मौत के मामले में जांच टीम ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश कर दी है। जांच में सामने आया है कि रत्नाकर ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी और वह पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं में शामिल था। जांच में पाया गया कि मृतक अनिल रत्नाकर (25) ने अन्य लोगों के साथ मिलकर आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में आने वाले उम्मीदवारों से पैसे लेकर उनके नंबरों में हेरफेर किया। हालांकि, अभी तक की जांच में किसी भी सीनियर अधिकारी के भर्ती घोटाले में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं। 42 गवाहों के बयान का विश्लेषण मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के ASP देवचरण पटेल के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय विशेष जांच टीम ने 42 गवाहों के बयान दर्ज किए। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) और बैंक स्टेटमेंट का विस्तृत विश्लेषण किया गया। हाथ पर लिखे सुसाइड नोट का परीक्षण विशेष जांच टीम अभी मृतक के फोन की डेटा रिकवरी रिपोर्ट, उसके बाएं हाथ की हाथ पर लिखे सुसाइड नोट की हस्तलिपि विशेषज्ञ की रिपोर्ट और विसरा परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इन रिपोर्ट्स के आधार पर ही अंतिम जांच का प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। क्या है मामला बता दें कि पुलिस भर्ती में लेन-देन के आरोप के बाद 21 दिसंबर 2024 को आरक्षक अनिल रत्नाकर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वो खैरागढ़ पुलिस में पदस्थ था और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। सरायपाली बसना का रहने वाला था। आरक्षक ने सुसाइड नोट में लिखा था कि, आरक्षक भर्ती में कर्मचारी को फंसाया जा रहा है, अधिकारी को बचाया जा रहा है। इसमें सभी इन्वॉल्व हैं। अब तक 6 लोग गिरफ्तार 16 दिसंबर को पुलिस ने लालबाग थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ था। इस घोटाले में अब तक 6 लोगों को जेल भेज दिया गया है, गिरफ्तार लोगों को दो महिला पुलिसकर्मी दो आरक्षक और दो टेक्निकल टीम के लोग भी शामिल हैं पुलिस भर्ती प्रक्रिया में घोटाले से जुड़ी खबर भी पढ़ें… राजनांदगांव आरक्षक भर्ती गड़बड़ी…कॉन्स्टेबल ने लगाई फांसी:सुसाइड नोट में लिखा- कर्मचारी को फंसा रहे, अधिकारी को बचा रहे, इसमें सभी इन्वॉल्व राजनांदगांव में आरक्षक भर्ती गड़बड़ी मामले में नया मोड आ गया है। भर्ती में लेन-देन के आरोप के बाद आरक्षक अनिल रत्नाकर (25) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। वो खैरागढ़ पुलिस में पदस्थ था और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। सरायपाली बसना का रहने वाला था। पढ़िए पूरी खबर…

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