केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में राजनैतिक भाषण देने वाले सरपंच पति और सरकारी टीचर को विभाग चार दिन भी सस्पेंड नहीं रख पाया। 14 जनवरी को किए गए सस्पेंशन ऑर्डर को शनिवार को वापस ले लिया गया। टीचर को वापस उसी स्कूल में पदस्थ किया गया है, जहां वो निलंबन के समय पदस्थ थे। बता दें कि, 11 जनवरी को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तीन विद्युत सब स्टेशनों का लोकार्पण किया। गेहूखेड़ा गांव में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में स्वागत भाषण चांदोल स्कूल में पदस्थ सरकारी टीचर शिवकुमार रघुवंशी ने दिया था। संबोधन के दौरान उन्होंने मंच पर बैठे सभी नेताओं का नाम लिया, लेकिन उन्होंने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य का नाम नहीं लिया था। जब विधायक पन्नालाल शाक्य संबोधित करने आए, तो उन्होंने इशारों में ही इस पर नाराजगी जाहिर कर दी थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि “मेरा केवल इतना ही निवेदन है कि हम ढाई लाख जनता के प्रतिनिधि हैं, कोई ये न समझे कि हम जेब में रख लेंगे या मुंह में रख लेंगे। हम ढाई लाख के प्रतिनिधि हैं, मतलब हम महाराज साहब के भी प्रतिनिधि हैं। महाराज साहब के हम प्रतिनिधि हैं, इसलिए ये गलती न करे कोई भी कि जेब में रख लेंगे या मुंह में रख लेंगे। और रखने की अगर हिम्मत है तो उसका परिणाम भी देख लेना।” इसके बाद शिक्षा विभाग ने टीम भेजकर चांदौल सरकारी स्कूल की जांच कराई। इस दौरान शिक्षक शिवकुमार रघुवंशी गैरमौजूद मिले। बच्चों ने बताया कि त्योहार के कारण वह जल्दी चले गए। शिक्षा विभाग ने इसे लापरवाही मानते हुए 14 जनवरी को टीचर शिवकुमार रघुवंशी को सस्पेंड कर दिया था। चार दिन बाद ही बहाल किया जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर सिसोदिया ने चार दिन में ही उनका निलंबन खत्म कर दिया। शनिवार को DEO द्वारा जारी ऑर्डर में कहा गया है कि निलंबित शिक्षक को 16 जनवरी को आरोप पत्र जारी किया गया। शिक्षक ने इन आरोपों पर अपना जवाब दिया। इसके बाद वार्षिक परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए उनका सस्पेंशन खत्म किया जाता है। शिक्षक को वापस शासकीय विद्यालय चांदौल में पदस्थ कर दिया गया। उनका केवल 14 जनवरी को अनुपस्थित रहने का वेतन काटा गया है।


