राजपूत हॉस्टल अनियमितता पर सियासी घमासान:राजपूत सभा भवन में राजेंद्र गुढ़ा और समर्थकों का हंगामा; छात्रों से वसूली, व्यावसायिक गतिविधियों और सदस्यता को लेकर आरोप

राजपूत हॉस्टल में कथित अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को जयपुर में सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समर्थकों के साथ राजपूत सभा भवन पहुंचे, जहां जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। गुढ़ा ने हॉस्टल संचालन पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि राजपूत सभा पदाधिकारियों ने सभी आरोपों को निराधार बताया। गुरुवार दोपहर 12.45 बजे राजेंद्र गुढ़ा राजपूत सभा भवन पहुंचे। इससे लगभग एक घंटे पहले ही उनके समर्थक सभा भवन पर एकत्र हो गए थे। गुढ़ा के पहुंचते ही समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान “राम नाम सत्य है”, “सत्य बोलो गत है”, “शर्म करो”, “डूब मरो” जैसे नारे लगाए गए। गुढ़ा ने हॉस्टल में अनियमितता के लगाए आरोप राजेंद्र गुढ़ा ने आरोप लगाया कि स्टेशन रोड स्थित राजपूत हॉस्टल मूल रूप से कमरावाटी और भोमियां संघ ट्रस्ट का था, जिसका संचालन बाद में राजपूत सभा ने करीब 25 वर्ष पहले अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने कहा कि समाज को उम्मीद थी कि सभा बेहतर ढंग से हॉस्टल का संचालन करेगी, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत है। गुढ़ा का आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों से 50-50 हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं और अलग-अलग मदों में वसूली की जा रही है। हॉस्टल परिसर में व्यवसायिक गतिविधियां कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हॉस्टल के चारों ओर बसें खड़ी करवाई जाती हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। हर खिड़की के बाहर 24 घंटे बसें खड़ी रहने से बच्चों को परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। मेस की राशि जरूरत से ज्यादा वसूली जा रही है। हॉस्टल को कंटीले तारों से घेर दिया गया है, जिससे यह जेल जैसा प्रतीत होता है। गुढ़ा ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय छात्रों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। वार्ता के दौरान भी हंगामा बातचीत के लिए जब राजपूत सभा के अध्यक्ष राम सिंह चंदलाई और कार्यकारिणी ने गुढ़ा व उनके समर्थकों को बुलाया, तो इस दौरान भी हंगामा होता रहा। गुढ़ा ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष मौके से चले गए। उन्होंने कहा कि यह विवाद नया नहीं है और पहले भी समाज के लोगों के साथ भेदभाव किया जाता रहा है। उन्होंने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पहले शेखावत समाज के लोगों को चारदीवारी में प्रवेश तक नहीं करने दिया जाता था और शाम सात बजे बाहर कर दिया जाता था। राजपूत सभा के नए सदस्य नहीं बनाने के लगाए आरोप इस दौरान बद्री सिंह ने कहा कि राजपूत सभा ने चुनाव के समय छह माह के भीतर सदस्यता अभियान चलाने का वादा किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि पहले ज्ञापन दिया जाएगा, यदि समाज के लोगों को सदस्य नहीं बनाया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में 70 से 80 लाख राजपूत हैं, जबकि सभा में केवल 7-8 हजार लोगों को ही सदस्य बनाकर इसे पारिवारिक संस्था की तरह चलाया जा रहा है। सदस्यों से मिलने वाली राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा में किया जाना चाहिए। राजपूत सभा ने आरोपों को नकारा वहीं, राजपूत सभा के महामंत्री धीर सिंह ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि राजपूत सभा एक संवैधानिक संस्था है, जिसके हर तीन वर्ष में चुनाव होते हैं। हाल ही 17 अप्रैल 2025 को चुनाव संपन्न हुए हैं और राम सिंह चंदलाई के नेतृत्व में 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि जयपुर में राजपूत सभा द्वारा तीन हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। धीर सिंह ने कहा कि सिंधी कैंप स्थित हॉस्टल में 65 से अधिक विद्यार्थी रहते हैं, जिनमें अधिकांश मेधावी हैं और 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र भी शामिल हैं। बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए बाहरी लोगों के प्रवेश पर अनुमति की व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के पढ़ाई में बाधा ना पहुंचे इसके लिए कार्यकारिणी से परमिशन लेना जरूरी है। बाहरी छात्रों द्वारा बदमाशी और हॉस्टल के छात्रों पर मुकदमे दर्ज होने की घटनाओं के बाद यह व्यवस्था लागू की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गुढ़ा समर्थकों ने हॉस्टल परिसर में गाली-गलौच की। साथ ही उन्होंने गुढ़ा द्वारा लगाए गए अनियमितताओं के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उल्लेखनीय है कि बुधवार को राजेंद्र गुढ़ा सिंधी कैंप स्थित राजपूत हॉस्टल पहुंचे थे। उस दौरान गेट पर ताला लगा होने के कारण वे दीवार फांदकर अंदर पहुंचे थे। गुढ़ा ने वहां वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जहां उन्होंने शिक्षा प्राप्त की, वहां 50 वर्षों में कोई सुधार नहीं हुआ और छात्रों से पैसे वसूले जा रहे हैं। यहां देखें फोटोज

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