राजसमंद जिले के रेलमगरा कस्बे में आबादी क्षेत्र के पास स्थित मठ की भूमि और सामुदायिक भवन को लेकर चल रहा विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले को लेकर एक पक्ष द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब दूसरा पक्ष भी खुलकर सामने आ गया है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। रेलमगरा में सर्व समाज एवं संत समाज से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मठ परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद उन्होंने जुलूस के रूप में सदर बाजार और चारभुजा मंदिर होते हुए बस स्टैंड तक मार्च किया। यहां प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया और नारेबाजी की। इसके बाद सभी लोग उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां एसडीएम बिंदु बाला राजावत को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धार्मिक आस्था का केंद्र बताई मठ की भूमि ज्ञापन में बताया गया कि संबंधित मठ की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। परिसर में हनुमान मंदिर, शिव मंदिर और संत की समाधि स्थित है, जो वर्षों से क्षेत्रवासियों की धार्मिक आस्था का केंद्र रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां लंबे समय से शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना होती आ रही है। पंचायत की सहमति से बना था सामुदायिक भवन सर्व समाज के लोगों के अनुसार, पूर्व में मठाधीश राजपुरी की सहमति से ग्राम पंचायत द्वारा मठ परिसर में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था। इस भवन का उपयोग सभी समाजों द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता रहा है। अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में कुछ लोगों द्वारा सामुदायिक भवन के एक हिस्से पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया, जिसे मठाधीश ने मौके पर ही हटवा दिया। इसके बाद से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सर्व समाज एवं संत समाज ने प्रशासन से मठ की भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की है।


