रेलमगरा उपखंड में दरीबा स्थित डीएससी प्लांट के लेड प्लांट में गुरुवार को श्रमिक यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरहरिदेव सिंह के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद श्रमिक हड़ताल पर उतर गए और काम बंद कर दिया गया। हालांकि गुरुवार की शाम डीएसपी शिप्रा राजावत की समझाइश के बाद श्रमिकों ने पुलिस थाने का घेराव समाप्त किया। लेकिन आज शुक्रवार को यूनियन के प्रतिनिधि ने रेलमगरा पुलिस थाने पहुंच कर मारपीट और उनकी कार में तोड़फोड़ होने की रिपोर्ट दी है। यूनियन प्रतिनिधि प्रभुलाल जाट का कहना है कि गुरुवार को हुई मारपीट की घटना में उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसी कारण लोगों ने उनकी कार में भी तोड़फोड़ की। लेकिन उनका मामले में किसी प्रकार का संबंध नहीं है, क्योंकि गुरुवार की शाम जब शुरुआत घटना हुई थी, तब प्लांट से दूसरी कार में बैठकर अपने घर चले गए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। इस घटना में भैरूलाल, महेंद्रसिंह, कानसिंह, हरीश गाडरी, महिपालसिंह राजावत, सोहनलाल गाडरी सहित 10-15 लोग लाठी, तलवार व धारदार हथियारों के साथ अनधिकृत रूप से डीएससी लेड प्लांट में घुस आए थे। उन्होंने मजदूरों को डराया और उनके साथ मारपीट की। साथ ही एचआर ऑफिस के पास खड़ी पीड़ित की कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे करीब 8 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि घटना की पूरी रिकॉर्डिंग प्लांट व एचआर ऑफिस के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। पीड़ित ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।


