राजसमंद में शुक्रवार को बाल कृष्ण स्टेडियम में नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय और सभापति अशोक टाक पर स्याही छिड़कने की घटना के बाद शनिवार को भी माहौल गर्माया रहा। शनिवार सुबह नगर परिषद का स्टाफ और सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय परिसर में एकत्रित हो गए और कार्य का बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने घटना के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद सभी कार्मिक कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। दूसरी भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भरत दवे के साथ मारपीट की गई है और उनकी ओर से भी मारपीट का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग सभापति अशोक टांक के कांग्रेस पार्टी से जुड़े होने के चलते जिला कांग्रेस कमेटी भी सक्रिय हो गई। कांग्रेस की ओर से उपखंड अधिकारी ब्रजेश गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक को ज्ञापन सौंपकर स्याही छिड़काव और अभद्रता करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण सिंह भाटी, सभापति अशोक टांक, चुन्नीलाल पंचोली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा का पलटवार, थाने में जमावड़ा दूसरी ओर स्याही कांड के बाद मौके से भाजपा मीडिया संयोजक भरत दवे की गिरफ्तारी को लेकर कांकरोली थाना परिसर में भी माहौल गर्माया रहा। दोपहर करीब ढाई बजे तक भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का थाने पर जमावड़ा लगा रहा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भरत दवे के साथ मारपीट की गई है और उनकी ओर से भी मारपीट का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। जमानत पर रिहा हुए भरत दवे बाद में भरत दवे को उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। स्याही कांड के बाद राजसमंद में प्रशासनिक कामकाज, राजनीतिक बयानबाजी और सड़क स्तर का विरोध प्रदर्शन एक साथ सामने आ गया है, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है।


