राजसमंद झील का ओवरफ्लो अब घटकर केवल 1 इंच रह गया है। गोमती नदी से आवक थम चुकी है और खारी फीडर पहले से बंद की जा चुकी हैै, ऐसे में झील में अब पानी की आवक की कोई संभावना नहीं है। 22 सितम्बर को छलकी थी झील नवरात्रि की शुरुआत में 22 सितम्बर को छलकी थी, जब खारी फीडर और गोमती नदी से लगातार पानी की आवक जारी थी। झील के छलकने पर न केवल स्थानीय लोग बल्कि उदयपुर और भीलवाड़ा से भी हजारों लोग झील का ओवरफ्लो देखने पहुंचे थे। झील की नो चोकी पाल और ओवरफ्लो व्यू के मनमोहक नजारों को लोगों ने मोबाइल और कैमरों में कैद किया। कई युवाओं ने झील की रपट पर नहाने का भी खूब आनंद लिया। 2 साल तक मिलेगा पानी मानसून की एंट्री से पहले झील का गेज 14.50 फीट था। इस सीजन में झील में कुल 15.50 फीट से अधिक पानी आया। 2023 के बाद यह दूसरी बार है जब झील छलकी। अब झील से दो साल तक शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।


