राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित अध्यापक भर्ती परीक्षा का आगाज आज शनिवार को भारी गहमागहमी के बीच हुआ। झुंझुनू जिला मुख्यालय सहित बगड़ और नवलगढ़ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने भाग्य आजमाया। हालांकि, परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मायूसी नजर आई। परीक्षार्थियों का मानना है कि इस बार पेपर का स्तर उम्मीद से कहीं अधिक कठिन था। सिलेबस से बाहर और शिक्षण विधियों का अभाव परीक्षा देकर बाहर निकली महिला अभ्यर्थियों ने पेपर के स्तर पर सवाल उठाए हैं। जेपी जानू स्कूल केंद्र से परीक्षा देकर निकली एक महिला परीक्षार्थी ने बताया कि पेपर बहुत ‘हार्ड’ था। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “पेपर पूरी तरह सिलेबस से बाहर लगा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परीक्षा में शिक्षण विधियों (Teaching Methods) से जुड़े प्रश्न ना के बराबर थे, जबकि अभ्यर्थी इसकी सबसे ज्यादा तैयारी करते हैं। कथन और व्याख्या वाले प्रश्नों ने उलझाया दूसरे परीक्षार्थी अमित ने पेपर के पैटर्न पर बात करते हुए बताया कि प्रश्न पत्र में तथ्यात्मक प्रश्नों के बजाय विश्लेषणात्मक प्रश्नों की भरमार थी। अमित के अनुसार, “पेपर में ‘व्याख्या-कथन’ वाले प्रश्न सबसे अधिक थे। पहले कथन दिया गया और फिर उसकी व्याख्या पूछी गई, जिसने काफी समय खराब किया। यह पेपर सामान्य स्तर से बहुत ऊपर और सभी के लिए चुनौतीपूर्ण था।” सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सुबह 8 बजे से शुरू हुई तलाशी झुंझुनू, बगड़ और नवलगढ़ में प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। सुबह 8 बजे से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। बोर्ड के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस प्रशासन और सतर्कता दलों ने प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन तलाशी ली। मेटल डिटेक्टर और शारीरिक जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश दिया गया। 9 बजते ही बंद हुए गेट नियमों की सख्ती इस बार चरम पर रही। बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले यानी सुबह 9:00 बजे परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए।


