राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर की गलती पशुधन सहायक भर्ती के कई चयनितों पर भारी पड़ गई है। इस विश्वविद्यालय ने एनिमल हसबेंडरी डिप्लोमा प्रोग्राम में काउंसलिंग के जरिए अभ्यर्थियों को ऐसे कॉलेज आवंटित किए, जिनको राज्य सरकार से एनओसी नहीं मिली थी। विद्यार्थियों ने दो साल का डिप्लोमा भी कर लिया। पशुधन सहायक भर्ती में चयन हुआ और दस्तावेज सत्यापन हुआ तो अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम इसलिए रोक लिया गया कि इन अभ्यर्थियों ने जहां से डिप्लोमा लिया है उनको राज्य सरकार से नियमानुसार एनओसी नहीं मिली हुई है। उनका कहना है कि हमें तो आरएजेयूवीएएस ने कॉलेज आवंटित किया था। एनओसी है या नहीं, यह देखने का काम यूनिवर्सिटी का है। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। हमारा चयन रोकना गलत है। चयन के बाद भी फंसे 2700 डिप्लोमाधारी, दस्तावेज सत्यापन के दौरान रोका रिजल्ट एनिमल हसबेंडरी डिप्लोमा प्रोग्राम के प्रवेश के लिए आरएजेयूवीएएस द्वारा काउंसलिंग के जरिए कॉलेज आवंटित किया जाता है। इस दो वर्षीय कोर्स के लिए 85 हजार रुपए प्रति वर्ष फीस ली जाती है। विद्यार्थियों को जो कॉलेज आवंटित होता है, उसके दस्तावेज जांचने का काम यूनिवर्सिटी का है। ना कि विद्यार्थियों का। विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसे 9 कॉलेज हैं जिनको लेकर कहा गया है कि इनको राज्य सरकार की एनओसी नहीं है। प्रत्येक कॉलेज में 100 सीटें है। यानी इन कॉलेजों में यूनिवर्सिटी ने प्रतिवर्ष 900 विद्यार्थी आवंटित किए हैं। तीन साल में यहां 2700 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। अंतिम परिणाम जारी कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले दिनों 2,783 पदों की पशुधन सहायक भर्ती का अंतिम परिणाम जारी किया था। इस भर्ती की परीक्षा 13 जून 2025 को आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परिणाम 17 अक्टूबर 2025 को जारी हुआ और फिर दस्तावेज सत्यापन हुए। चयन बोर्ड ने 9 दिसंबर 2025 को पशुधन सहायक भर्ती का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसमें कई अभ्यर्थियों को प्रोविजनल रखा है।


