राजस्थान ने 69वीं राष्ट्रीय स्कूली हैंडबॉल प्रतियोगिता में जीत कर पहली बार गोल्ड मेडल हासिल किया। इस प्रतियोगिता में राजस्थान की टीमों ने अच्छा खेल दिखाया और छात्र व छात्रा दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। फाइनल मुकाबले शुरू होते ही मैदान में खेल प्रेमियों की भीड़ जुट गई। दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला और हर गोल पर तालियों की गूंज सुनाई दी। मुकाबले के आखिर तक रोमांच से भरे रहे और राजस्थान की टीमों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए जीत दर्ज की। छात्र वर्ग में गुजरात की टीम पर एकतरफा जीत छात्र वर्ग के फाइनल मुकाबले में राजस्थान और गुजरात की टीमें आमने-सामने थीं। शुरुआत से ही राजस्थान के खिलाड़ियों ने तेज और संतुलित खेल दिखाया। टीम ने लगातार गोल करते हुए बढ़त बनाई और गुजरात को संभलने का मौका नहीं दिया। राजस्थान ने यह मुकाबला 28–16 के बड़े अंतर से जीत लिया। वहीं, गुजरात ने सिल्वर जीता। मैच के दौरान राजस्थान के खिलाड़ियों का तालमेल और फिटनेस साफ नजर आई। दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और हर गोल पर तालियों से स्वागत किया। छात्रा वर्ग में हिमाचल प्रदेश की टीम से कड़ा मुकाबला छात्रा वर्ग का फाइनल मुकाबला राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के बीच खेला गया। यह मुकाबला काफी कड़ा और बराबरी का रहा। दोनों टीमों ने पूरे दमखम के साथ खेला और आखिरी समय तक मुकाबला रोमांचक बना रहा। राजस्थान की छात्राओं ने संयम और समझदारी से खेलते हुए जरूरी मौके पर गोल किए। अंत में राजस्थान ने हिमाचल प्रदेश को 18–15 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। वही, हिमाचल को सिल्वर मिला। जीत के बाद मैदान में मौजूद दर्शकों ने छात्राओं का जोरदार स्वागत किया। अतिथियों की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह फाइनल मुकाबलों के दौरान चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और बेगूं विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके साथ ही स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के लइक अहमद खान, राजबहादुर भंसाली, आयोजन सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा और ऋतुराज सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और उनके बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। अतिथियों की मौजूदगी से खिलाड़ियों में अलग ही जोश देखने को मिला। दिल्ली ने जीता ब्रॉन्ज मेडल प्रतियोगिता के अन्य मुकाबलों में भी टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया। छात्र वर्ग में दिल्ली ने हरियाणा को हराकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं छात्रा वर्ग में मणिपुर ने हरियाणा को पराजित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। आयोजन सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए सीख और अनुभव से भरी रही। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें आगे खेलने की प्रेरणा मिलती है। जीत की घोषणा होते ही भावुक हो उठे खिलाड़ी राजस्थान की जीत के साथ ही खेल मैदान जश्न में बदल गया। जैसे ही गोल्ड मेडल तय हुआ, खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। डीजे की धुन पर खिलाड़ी नाचते नजर आए और एक-दूसरे को बधाई देते रहे। कई खिलाड़ियों की आंखों में खुशी के आंसू भी दिखे। मेहनत और इंतजार का फल मिलने से माहौल भावुक हो गया। खिलाड़ियों ने अपने कोच को कंधों पर उठाकर पूरे मैदान का चक्कर लगाया। तालियों और नारों के बीच यह पल सभी के लिए यादगार बन गया।


