राजस्थान सरकार के बजट से राज्य कर्मचारियों को बड़ी निराशा हुई है। कर्मचारियों को मिलने वाली कई प्रमुख सुविधाओं की घोषणा इस बजट में नहीं की गई। कर्मचारियों को 8, 16, 24 और 32 वर्षों की सेवा पर मिलने वाली एसीपी (एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन) की बहुप्रतीक्षित घोषणा नहीं हुई। पदोन्नति में दो वर्ष की छूट भी सशर्त दी गई है, जिससे कई पदोन्नति के पद खाली रह जाएंगे। निविदा और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का भी कोई रास्ता नहीं निकाला गया। हालांकि, बजट में युवाओं के लिए सवा लाख नई भर्तियां करने और सुविधा कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की गई है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने नई भर्तियों और मानदेय वृद्धि का स्वागत किया है, लेकिन कर्मचारियों की अन्य मांगों को नजरअंदाज किए जाने पर नाराजगी जताई है।


