राजस्थान के बाघों की नस्ल बदलने के लिए पहली बार मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन को लाया गया है। रविवार रात 10.30 बजे सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर 3 वर्ष की बाघिन ‘पीएन-224’ को लेकर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा। यहां से टाइग्रेस को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ले जाया गया। एक्सपर्ट का दावा है कि इंटर स्टेट हवाई ट्रांसफर का यह पहला मामला है, जिसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। करीब ढाई घंटे का रहा हेलिकॉप्टर का सफर रविवार सुबह टीम ने बाघिन की सर्चिंग की। वह पेंच रिजर्व में घने पेड़ों के नीचे दिखाई दी। वेटरनरी डॉक्टर ने सफलतापूर्वक डार्ट किया। मेडिकल चेकअप में शरीर का तापमान, हार्टबीट और रेस्पिरेशन रेट सामान्य पाए गए। करीब एक घंटे की प्रक्रिया के बाद शाम 4:55 बजे हेलिकॉप्टर से उसे रवाना किया गया। सुरक्षा कारणों के चलते बाघिन को सीधे जयपुर लाया गया। रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में बाघिन को बजालिया एनक्लोजर में रखा जाएगा। अब देखिए- टाइग्रेस के रिलोकशन से जुड़े PHOTOS…. पहले 10 दिसंबर को लाना था रामगढ़ बाघिन को लाने की तैयारियों के लिए कोटा से सीसीएफ सुगनाराम जाट और डॉ. तेजेंद्र रियाड़ 25 नवंबर को ही पेंच पहुंच गए थे। 5 दिसंबर को बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज किया गया। योजना के अनुसार 10 दिसंबर को रामगढ़ लाना था, लेकिन 6 दिसंबर को रेडियो कॉलर टूट गया। इसके चलते पूरी प्रक्रिया अटक गई और ट्रांसलोकेशन में देरी होती चली गई। एयरफोर्स के इनकार से बदली पूरी योजना पहले योजना थी कि बाघिन को पेंच से सीधे रामगढ़ टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इसके लिए रामगढ़ में हेलिपैड भी तैयार करवा लिया गया था। बूंदी में दो दिन तक हेलिकॉप्टर से ट्रायल भी किया गया। लेकिन जब बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज कर बूंदी लाने के लिए एयरफोर्स से अनुमति मांगी गई तो उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रायल के समय मौजूद सुरक्षा कर्मी और अब पेंच में तैनात कर्मी अलग थे, साथ ही हेलिकॉप्टर भी अलग था। इसी कारण जोखिम की आशंका जताई गई और पूरी योजना बदलनी पड़ी। अब जानिए- क्यों ब्रीड बदलने की जरूरत? बाघों या किसी भी प्रजाति में इनब्रीडिंग का मतलब है- करीबी रिश्तेदारों का आपस में प्रजनन। जब बाघ आबादी में संख्या बहुत कम हो जाती है, तो जो बचे हुए बाघ हैं वही आपस में करीबी रिश्तों वाले होते हैं। आने वाली नस्लों में बीमारी और कमजोर होने की आशंका …. राजस्थान में टाइगर रिलोकेशन से जुड़ ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में दहाड़ेंगीं MP-महाराष्ट्र की बाघिनें:नस्ल सुधार लिए रामगढ़ टाइगर रिजर्व आएगी पहली बाघिन, वायुसेना सेना हेलीकॉप्टर से करेगी शिफ्टिंग यहां बाघिन को कुछ दिन सॉफ्ट एनक्लोजर (अर्ध-सुरक्षित बाड़े) में रखा जाएगा, ताकि वे नए वातावरण के अनुकूल हो सकें। इसके बाद खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। पूरी खबर पढ़िए…


