राजस्थान में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में जिन वोटर्स के नाम काटे गए हैं, उनकी ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी गई है। जिन वोटर्स ने बीएलओ को दस्तावेज नहीं दिए या जो बीएलओ के तीन बार घर जाने के बाद नहीं मिले। उन्हें एब्सेंट वोटर की कैटेगरी में रखा गया है। ऐसे वोटर्स को अब नोटिस जारी होंगे, नोटिस के बाद उन्हें अपने दस्तावेज जमा करवाने होंगे। अन्यथा वे वोटर नहीं रहेंगे। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में जिनके नाम नहीं है उनके पास अब भी वोटर बने रहने का विकल्प है। आगे जानिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब… सवाल: ड्राफ्ट लिस्ट में किनके कटे नाम, कैसे जानें? जवाब: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में परमानेंट शिफ्ट, एब्सेंट और डेड होने की वजह से नाम काटे हैं। इसका ब्योरा निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। https://election.rajasthan.gov.in/ASD_SIR_2026/ASD_List_EPIC.html इस पर क्लिक करके आप डिटेल जाने सकते हैं। यहां दो ऑप्शन दिए गए हैं। इस पर इपिक नंबर से सर्च कर सकते हैं। साथ ही विभानसभा और भाग संख्या से सर्च कर सकते हैं। जिला, विधानसभा क्षेत्र, वार्ड या गावं का नाम और बूथ नंबर की डिटेल भरकर एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड वोटर्स की लिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं। सवाल: ऑफलाइन (BLO/वार्ड ऑफिस) से नाम कैसे चेक करें? जवाब: बीएलओ के पास भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मिल जाएगी, वहां से भी पूरी डिटेल जांच सकते हैं। बीएलओ के अलावा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के पास भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट रहेगी। सवाल: नाम खोजते समय आपके पास क्या जानकारी होनी चाहिए? जवाब: खुद के नाम के साथ वोटर आईडी कार्ड का नंबर, जन्म तिथि जैसी जानकारियां तैयार रखनी होगी। सवाल: अगर नाम नहीं मिल रहा, तो पहले क्या करें? जवाब: नाम नहीं मिल रहा है तो पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने अपने नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि जैसी जानकारियां सही भरी हैं। अगर फिर भी नाम नहीं मिल रहा है। आप चैक करें कि कहीं आपका नाम परमानेंट शिफ्टेड, डेड या घर पर नहीं मिलने वालों की कैटेगरी में तो नहीं डाल दिया। आप तत्काल अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क करें। बीएलओ आपको सही कारण बता देंगे। इसके बाद आप एसडीएम के पास जाकर आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। अभी ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। आप अपनी पहचान के दस्तावेज देकर नाम जुड़वा सकते हैं। सवाल: अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो इसका क्या मतलब है? वाब: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने का सीधा सा मतलब है कि अब भी आप दस्तावेज दे देते हैं तो नाम जुड़ जाएगा, अगर नहीं दिए तो आप आगे से वोटर नहीं रह पाएंगे। लिस्ट में नाम नहीं होने के तीन कारण हो सकते हैं। सवाल: नाम कटने वाली सूची में है, आप अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं तो क्या करना होगा? जवाब: आप सबसे पहले बीएलओ से संपर्क करें, बीएलओ आपको गाइड करेंगे। आपको अब एसडीएम दफ्तर में पहचान के दस्तावेजों सहित आपत्ति दर्ज करवानी होगी। आप 15 जनवरी तक आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र (Declaration Form) भरकर नए वोटर भी नाम जुड़वा सकेंगे। सवाल: फॉर्म भरते समय कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं? जवाब: फॉर्म भरते समय वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पिछली एसआईआर में अपने माता पिता या खुद के नाम का प्रमाण दिखाना होगा। पहचान दस्तावेजों में चुनाव आयोग के तय दर्जन भर दस्तावेज मान्य हैं, उनमें से भी कोई भी दस्तावेज साथ लगा सकेंगे। सवाल: यदि आपका नाम परमानेंट शिफ्ट, एब्सेंट वोटर या डिलीशन सूची में है और आपने आपत्ति नहीं दी तो क्या होगा? जवाब: आपने दस्तावेज नहीं दिए और आपत्ति नहीं की तो आपका नाम फाइनल वोटर लिस्ट से कट जाएगा। आप वोटर नहीं रहेंगे। सवाल: एक बार नाम कटने पर क्या होगा? जवाब: फाइनल वोटर लिस्ट में नाम कटने का मतलब है, आप वोटर नहीं रहेंगे। वोटर नहीं रहेंगे तो आपका वोटर कार्ड अमान्य हो जाएगा। बाद मे भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने का विकल्प खुला रहेगा। वोटर लिस्ट का रिवीजन हर साल होता है। आप उस दौरान भी नाम जुड़वा सकेंगे। लेकिन एसआईआर में नाम नहीं होने से आगे कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। सवाल: क्या एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट के बाद भी नाम जुड़वाया जा सकता है? जवाब: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का प्रोसेस हमेशा चालू रहता है। एसआईआर का प्रोसेस पूरा होने के बाद भी आप अपना नाम जुड़वा सकते हैं। बीएलओ के पास आवेदन देकर नाम जुड़वाने के अलावा ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प हमेशा खुला है। नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र (Declaration Form) भरकर जमा करवाएं। युवा वोटर जो 1 अप्रेल 2026, 1 जुलाई 2026 और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल की उम्र पूरी करेंगे वे भी एडवांस फ़ॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सवाल: यदि आप वैलिड वोटर हैं तो एसआईआर में आपका नाम होना क्यों जरूरी है? जवाब: वोटर लिस्ट को साफ सुथरा, अपडेट बनाए रखने के लिए हर 20 साल में इंटेसिव रिवीजन किया जाता है। हर 20 साल में रिवीजन होने पर पिछली एसआईआर में नाम देखा जाता है। एसआईआर में नाम होने से आगे जो भी रिवीजन होगा, उसमें आपको कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होती। आगे 2045-46 में जो एसआईआर होगी। उसमें भी यही प्रक्रिया रहेगी। उस एसआईआर में मौजूदा एसआईआर में नाम देखा जाएगा। अगर नाम नहीं मिलेगा तो आपको दस्तावेज देने होंगे। अनावश्यक रूप से समय लगेगा। एसआईआर में नाम होना आपकी उस क्षेत्र में लगातार मौजूदगी दर्शाता है। सवाल: यदि एसआईआर में आपका नाम नहीं हुआ तो आपके बच्चों को अगले एसआईआर में क्या दिक्कत आएगी? जवाब: इस एसआईआर में आपका नाम नहीं हुआ तो आगे 2045-46 में होने वाली एसआईआर में आपके बच्चों को एक्स्ट्रा दस्तावेज देने पड़ेंगे। अगर इस एसआईआर में आपका नाम होगा तो आपके बच्चों को 20 साल बाद आसानी रहेगी। केवल आपके वोटर आईडी नंबर देकर आपके बच्चे 20 साल बाद होने वाली एसआईआर में अपना नाम बरकरार रख सकेंगे, उनका वक्त बचेगा।


