राजस्थान के फाइनेंस डिपार्टमेंट (आबकारी) ने नई आबकारी और शराब नीति जारी की है। इस नई पॉलिसी के तहत ठेकेदारों को अब पहले से ज्यादा शराब बेचनी होगी। क्योंकि मौजूदा जो ठेके चल रहे है, उनके लाइसेंस की रिन्युअल गारंटी फीस को बढ़ा दिया है, जिससे अब ठेका संचालक को मौजूदा वित्तवर्ष की तुलना में ज्यादा शराब बेचनी होगी। इसी के साथ ही आबकारी ड्यूटी में भी बढ़ोतरी करने से देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतें आगामी एक अप्रैल से 5 रुपए से लेकर 20 रुपए तक बढ़ जाएगी। वित्त विभाग से जारी पॉलिसी में इस बार दुकान संचालकों को एक के बजाए 2 गोदाम आवंटित करने का भी प्रावधान किया है। गोदाम केवल स्टॉक रखने के लिए होता है, लेकिन शहरी सीमा से बाहर (ग्रामीण) एरिया में ज्यादा बनने वाले इन गोदामों पर शराब की बिक्री भी लगातार शिकायतें आती है। ऐसे में मौजूदा ठेकेदारों का कहना है कि इससे अवैध तरीके से शराब बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। 20 रुपए तक महंगी मिलेगी शराब की बोतलनई पॉलिसी में सरकार ने इस बार आबकारी ड्यूटी जो पहले 75 फीसदी लगती थी, वह बढ़ाकर 80 फीसदी कर दी है। इस 5 फीसदी ड्यूटी के बढ़ने से आगामी वित्तवर्ष (2026-27) की शुरूआत यानी 1 अप्रैल से शराब की दुकानों पर शराब और बीयर की बोतल 5 से लेकर 20 रुपए तक महंगी मिलेगी। इसमें बीयर की बोतल या कैन 5 रुपए तक, जबकि 750 एमएल वाली अंग्रेजी शराब की एक बोतल 20 रुपए तक महंगी मिलेगी। आवेदन फीस बढ़ाई सरकार ने इस बार पॉलिसी में शराब का ठेका लेने के लिए आवेदन करने वाले की फीस को भी बढ़ाया है। पहले 2 करोड़ रुपए तक न्यूनतम रिजर्व प्राइज वाली दुकानों की नीलामी में भाग लेने के लिए 50 हजार रुपए आवेदन शुल्क लगता था, उसे बढ़ाकर 60 हजार रुपए कर दिया। 2 करोड़ रुपए से ज्यादा न्यूनतम रिजर्व प्राइज वाली दुकानों की संचालन 1 लाख रुपए आवेदन शुल्क के बजाए 1.20 लाख रुपए कर दिया। नहीं बढ़ाई बेचान की समयावधि इस बार भी सरकार ने शराब कारोबार की मांग को साइडलाइन कर दिया। ठेका संचालकों की सोसायटी ने सरकार से प्रदेश में शराब की बिक्री की समयावधि को 10 घंटे से ज्यादा बढ़ाने की मांग की थी, ताकि सरकार की तरफ से शराब बिक्री का जो लक्ष्य बढ़ाया है, उसे पूरा किया जा सके। लेकिन सरकार ने इस मांग पर कोई एक्शन नहीं लिया।


