गुजरात एटीएस की सूचना पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अलवर के भिवाड़ी में नींद की नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री पर रविवार को छापा मारा। एसओजी टीम ने छापेमारी कर तीन केमिकल इंजीनियर को अरेस्ट किया। सीज की गई फैक्ट्री से 22 किलो नींद की दवा में यूज होने वाले केमिकल, टैबलेट व मशीनें जब्त की हैं। इसकी कीमत 32.56 करोड़ रु. बताई गई है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- गुजरात एटीएस टीम के पुलिस निरीक्षक पीयूष देसाई ने राजस्थान एसओजी को इनपुट दिया था। राजस्थान के अलवर भिवाड़ी जिले में अवैध मादक पदार्थ की फैक्ट्री चलाई जा रही है। एसओजी टीम की ओर से भिवाड़ी रीको एरिया में एक मकान में चल रही फैक्ट्री पर छापेमारी की गई। एपीएल फार्माकेम के नाम से संचालित फैक्ट्री में नींद की नकली दवा बनाई जाने का पता चला। एक महीने पहले किराए पर लिया
एसओजी दबिश के दौरान फैक्ट्री में मिले आरोपी अंकुश निवासी आगरा, अखिलेश निवासी भदौही और कृष्णा निवासी बनारस को अरेस्ट किया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपी केमिकल इंजीनियर है। करीब एक महीने पहले फैक्ट्री के लिए एक कंपनी के बंद पड़े परिसर को किराए पर लिया गया था। एसओजी को सीज की फैक्ट्री से करीब 32.56 करोड़ रुपए कीमत की करीब 4.8 किग्रा. अल्प्राजोलम और 17 किलोग्राम टेमाजैपाम, पैराजैपाम, सनसेट यैलो मिश्रण व उनके बनाने में यूज मशीनें मिली है। एसओजी प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में बनाई नकली दवाएं गुजरात के रास्ते कई राज्यों और अमेरिका-कनाड़ा तक सप्लाई होती थी।


