भारत में स्टोन इंडस्ट्री की ग्रोथ को लेकर 9 व 10 जनवरी को राजस्थान के किशनगढ़ में इंटरनेशनल सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। जिसमें इटली और ईरान समेत दुनियाभर के अलग-अलग देशों से 500 से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। दो दिन तक चलने वाले इस इंटरनेशनल सेमिनार में नई तकनीक के साथ ही व्यापारी किस तरह और ज्यादा ग्रोथ कर सकते हैं। इस पर चिंतन और मंथन किया जाएगा। स्टोनमार्ट-2026 के कन्वीनर और लघु उद्योग भारती राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष नटवरलाल अजमेरा ने बताया कि ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम (GSTF) की ये सेमिनार अंतर्राष्ट्रीय स्टोन टेक्नोलॉजी और डायमेंशनल स्टोन सेक्टर में नई तकनीक पर केंद्रित है। यह डायमेंशनल स्टोन के उपयोगकर्ताओं और उत्पादकों के साथ-साथ प्रौद्योगिकी और मशीनरी, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स, बिल्डर्स के लिए काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सभी उद्योगों में नई तकनीक प्रगति और विकास के लिए जरुरी होती है। ऐसे में इस सेमिनार में विषय विशेषज्ञों और उद्यमियों द्वारा ऑडियो – विजुअल प्रजेंटेशन्स के माध्यम से नई तकनीक के साथ ही नए विषयों को शामिल किया जाएगा। वहीं पत्थर के प्रयोग, वास्तुकला उपयोग, अपशिष्ट और पत्थर स्लरी के उपयोग के नए रुझानों से संबंधित क्षेत्रों पर भी मंथन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रीको द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के साथ सह-आयोजक के रूप में उद्योग जगत के लीडर्स नवाचारों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही सेमिनार के दौरान स्टोन इण्डस्ट्री से जुड़े 25 से अधिक स्टोन प्रोसेसिंग में उपयोगी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस दौरान फेडरेशन ऑफ इंडियन ग्रेनाइट एंड स्टोन इंडस्ट्री के अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद, महासचिव मनोज सिंह, फ़िगसी के स्किल डेवलेपमेंट सेंटर के चेयरपर्सन ईश्वेंद्र सिंह, एलयूबी के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सीए योगेश गौतम, एलयूबी प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण जाजोदिया और प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र खुराना मौजूद रहे।


