राजा वड़िंग:मनरेगा से ही गांव में विकास हो सका बिट्‌टू : नए कानून से गरीबों का चूल्हा ज्यादा जलेगा

भास्कर न्यूज | लुधियाना डीसी दफ्तर के बाहर मनरेगा मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की। बाद में डीसी को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि पुरानी मनरेगा योजना को लागू किया जाए। केंद्र के सरकार ने 20 वर्ष पुराने योजना के स्कीम में बदलाव करके मनरेगा का नाम बदल कर ‘जी राम जी’ कर दिया है। इसमें 40 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार पर पड़ेगा। 2100 मनरेगा मुलाजिमों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जो नियमित तौर से इस योजना का लगातार क्रियान्वयन कर रहे हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले को मजदूर विरोधी बताते हुए कमेटी ने कहा कि मनरेगा गरीब और मजदूर वर्ग के लिए रोजगार की गारंटी देने वाली योजना है और इसका नाम बदलना मजदूरों की पहचान से खिलवाड़ है। डीसी को एक मांग पत्र सौंपा जिसमें कहा कि केंद्र के सरकार ने 20 वर्ष पुराने योजना के स्कीम में बदलाव करके मनरेगा का नाम बदल कर ‘जी राम जी’ किया जिसका हम विरोध करते हैं। इसे रद्द होना चाहिए। मनरेगा के संबंध में मान सरकार द्वारा 30 दिसंबर को नए बिल के विरोध में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, लेकिन सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाने वाले नरेगा कर्मचारियों के बारे में राज्य सरकार एक शब्द भी नहीं बोल रही। सरकार ने कहा था कि हम लोगों को पक्का किया जाएगा। लेकिन इस पर सरकार कोई बात नहीं कर रही है।

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