राजीव खंडेलवाल बोले- लोग बोलते हैं दिखते नहीं हो:सोशल मीडिया पर छह महीने से पोस्ट नहीं डाली, कहा- राजस्थान में हों ज्यादा फिल्में शूट

जयपुर के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर राजीव खंडेलवाल प्रवासी राजस्थान प्री-समिट के लिए जयपुर आए हुए हैं। इस दौरान भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कॅरियर और कई विषयों पर बात की। उन्होंने कहा- सोशल मीडिया से दूर रहने से उन्हें चैन और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया- वे पिछले छह महीने से सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं डाल पाए, लेकिन जल्द ही एक वेब सीरीज में नजर आने वाले हैं। इसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है। इंडस्ट्री के लोग यह भी कहते हैं कि सोशल मीडिया से दूर से अपनी कमाई का नुकसान कर रहे हो। बातचीत के दौरान राजीव ने राजस्थान टूरिज्म, फिल्म इंडस्ट्री, फिल्मसिटी और कॅरियर में जयपुर की पहचान से मिले प्रिवलेज पर खुलकर बात की। खंडेलवाल ने कहा- मुझे लगता है कि राजस्थान में बहुत सारी फिल्में शूट होनी चाहिए। बहुत ज्यादा वेब सीरीज बननी चाहिए। हमारे पास बहुत लोकेशन हैं। हमारा कल्चर है, हमारा अपना कलर है। किस तरह राजस्थान के टूरिज्म को बढ़ते हुए देख रहे हैं?
राजीव खंडेलवाल: मैं राजस्थान टूरिज्म को दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करते हुए देख रहा हूं। यहां बहुत सारा पोटेंशियल है। मैं पूरी दुनिया ट्रैवल करता हूं। राजस्थान को देखकर लगता है कि इसे तो मैंने ही अच्छे से नहीं देखा। इसे देखने निकलूंगा तो महीनों लग जाएंगे, यहां के टूरिज्म को समझने और एन्जॉय करने में। जितने भी लोग राजस्थान से जुड़े हुए हैं, इसमें मैं भी शामिल हूं। उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि किसी न किसी तरह लोगों को अवेयर करवाएं कि यहां देखने को बहुत कुछ है। इसे देखने के बाद आपका एक्सपीरियंस बढ़ेगा और रीच हो जाएगा।

फिल्म इंडस्ट्री के नजरिए से राजस्थान को कैसे देखते हैं?
राजीव खंडेलवाल: मुझे लगता है कि यहां बहुत सारी फिल्में शूट होनी चाहिए। बहुत ज्यादा वेब सीरीज बननी चाहिए। हमारे पास बहुत सारी लोकेशन हैं। हमारा कल्चर है, हमारा अपना कलर है। इस समय की सरकार ऐसे प्रोजेक्ट के लिए इंसेंटिव भी दे रही है। सरकार बोल रही है कि पधारो म्हारे देस में। सरकार बोल रही है कि हम आपको मौका देंगे। वह सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे, जो आपको चाहिए। यह सुनकर और देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा कि फिल्मों को इस तरह से यहां गवर्नमेंट प्रमोट कर रही है। मैं चाहता हूं कि मेरे भी प्रोजेक्ट यहां शूट हों। यह तो अब मेरी बकेट लिस्ट में भी शामिल हो गया है। मैं खुद जयपुर का हूं, मैंने अभी तक यहां शूट नहीं किया, जो राजस्थान बेस्ड हो। मैं तलाश में रहूंगा कि ऐसी कोई फिल्म या सीरीज हो, जिसका बैकड्रॉप राजस्थान हो। मेरे माध्यम से राजस्थान कुछ कदम आगे बढ़ सका तो मेरे लिए गर्व की बात होगी। फिल्म सिटी को लेकर लगातार बात हो रही है। अगर यह बनती है तो कितना फायदा इंडस्ट्री को मिलने वाला है?
राजीव खंडेलवाल: मेरे लिए तो पूरा राजस्थान ही फिल्म सिटी की तरह है, यह एक सेट की तरह है। जो चीज चाहिए, वह यहां मिलता है। आपको यहां फोर्ट मिल जाएगा, जंगल चाहिए तो वह भी यहां है। वाटर बॉडी चाहिए तो वह भी है, रेगिस्तान है, हिल स्टेशन भी मौजूद हैं। मुंबई में बैठकर यही सुनता हूं कि पेपर वर्क बाकी है। बहुत जल्द बड़े प्रोड्यूसर-डायरेक्टर यहां आकर फिल्म सिटी तैयार करने वाले हैं। यह बहुत अच्छा होगा, क्योंकि फैसिलिटी जब हो जाती है तो चीजें सभी के लिए आसान हो जाती है। जैसे हैदराबाद में रामोजी राव स्टूडियो है। वहां एक फिल्ममेकर काे सभी तरह की सुविधा मिल जाती है। यहां भी एक स्टूडियो बन जाता है तो आपको कैमरे की कमी नहीं होगी। किसी उपकरण के लिए इंतजार नहीं करना होगा। अभी ये उपकरण सिर्फ दिल्ली और मुम्बई में ही उपलब्ध होते हैं।

जयपुर से ताल्लुक रखते हैं, जब आप मुंबई गए तो आपको इस शहर के नाम से क्या प्रिविलेज मिला?
राजीव खंडेलवाल: मैं यहां से था तो फिल्म इंडस्ट्री में कोई जानकार नहीं था। जब फिल्म इंडस्ट्री में किसी से मिलता था तो यही कहता था कि मेरा नाम राजीव खंडेलवाल है और मैं जयपुर से हूं। पता नहीं क्यों दरवाजे खुल जाते थे। मुझे ऐसा लगता था कि मेरी पर्सनैलिटी में मेरे शहर की झलक और यहां की सादगी नजर आती थी। पहली बार किसी से कहें कि मैं राजस्थान से हूं तो दरवाजे खुल ही जाते हैं। कहीं न कहीं मेरी परवरिश रही है, हमारे यहां का कल्चर है कि लोगों की इज्ज्त करना, बड़ों की इज्जत करना। अपने स्टेट के बारे में प्राउड महसूस करना। कहीं न कहीं वह पर्सनैलिटी में आ ही जाता है।
सोशल मीडिया से आप दूर हैं, कितना फायदा आपको मिला है?
राजीव खंडेलवाल: फायदे भी हैं और नुकसान ज्यादा है। नुकसान लोग गिनाते हैं कि तू कितने पैसे मिस कर रहा है, कितनी कमाई को छोड़ रहा है। मैं कोशिश करता हूं कि जितनी कमाई कर रहा हूं। उस कमाई में अपना जीवन मजे से जी रहा हूं। फायदे बहुत हैं, मेरे चैन और सुकून हैं। मैं देखता हूं कि जो सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, उनके पास चैन की कमी है। हर चीज के फायदे-नुकसान होते हैं। मेरी जिस तरह की पर्सनैलिटी है, सोशल मीडिया के बिना मुझे सुकून मिलता है। दिन में इस बात का प्रेशर नहीं होता है कि एक पोस्ट डालनी है। छह महीने हो गए, मैंने अभी तक एक पोस्ट नहीं डाली है। हालांकि लोग पूछते हैं कि दिखते नहीं हो, दिख जाया करो। मैं उन्हें यही कह रहा हूं कि जल्द ही एक वेब सीरीज में दिखने जा रहा हूं। जनवरी में रिलीज होगी। मराठी नॉवलिस्ट है, उनकी किताब अमर विश्वास पर यह सीरीज बन रही है। इसमें मैं अमर विश्वास का किरदार निभा रहा हूं। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग किरदार है।

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