राजेंद्र राठौड़ बोले- गहलोत-जूली जुमेलबाजी कर रहे:कहा- गहलोत अपने गिरेबां में झांकें, मरने वाले 25 बीएलओ के नाम बताएं जूली

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा- ये दोनों भजनलाल सरकार की जनहित की नीतियों से डरे हुए हैं। इसलिए अब झूठे आरोप और जुमेलबाजी का सहारा ले रहे हैं। राठौड़ ने कहा- गहलोत को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। उनकी सरकार पूरे 5 साल जनचिंताओं में घिरी रही। गुटों में बंटी रही। भ्रष्टाचार, पेपर लीक और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण जनता में चर्चा का विषय बनी रही। राठौड़ ने कहा- टीकाराम जूली SIR की प्रक्रिया में 25 बीएलओ की मौत का दावा कर रहे हैं। अच्छा रहेगा कि वह उन 25 बीएलओ के नाम सामने रखें। उच्च पदों पर बैठे लोगों को लापरवाही के साथ और बिना तथ्यों के आधार पर बयान देने की मैं निंदा करता हूं। भजनलाल सरकार में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी
राजेंद्र राठौड़ ने कहा- सरकारों की तुलना जनकल्याण और विकास पर खर्च हुए बजट के आधार पर होती है। इस समय भजनलाल सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार से 24 प्रतिशत अधिक, यानी 1 लाख 3 हजार करोड़ रुपए का बजट बढ़ाकर विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। भजनलाल सरकार के कार्यकाल में राजस्थान की जीएसडीपी में प्रतिवर्ष 19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय 2023-24 में 1.66 लाख रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 2.37 लाख रुपए हो गई। पिछली सरकार की तुलना में 71 हजार 252 रुपए की वृद्धि यह दर्शाती है कि राज्य की अर्थव्यवस्था और आम जनता दोनों समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं। गहलोत कोई निर्णायक नीति नहीं ला सके
राठौड़ ने कहा- भजनलाल सरकार ने नीतिगत फैसलों में रिकॉर्ड बनाते हुए एक दर्जन से अधिक नई नीतियां जैस औद्योगिक, एमएसएमई, खेल, पर्यटन, युवा और टेक्सटाइल नीति लागू की हैं, जो आमजन के जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर सिद्ध हो रही हैं। इसके विपरीत गहलोत सरकार अपने कार्यकाल में ऐसी कोई निर्णायक नीति नहीं ला सकी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च में भी भजनलाल सरकार ने इतिहास रचते हुए खर्च को 26,645 करोड़ से बढ़ाकर 53,686 करोड़ रुपए कर दिया है, जो पिछली सरकार से 27 हजार करोड़ अधिक है। राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू साइन
राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 से 100 करोड़ तक के विकास कार्य प्रगति पर हैं। राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से 7.5 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान में निवेश अनुकूल वातावरण मजबूत हुआ है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *