भरतपुर। राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर मंगलवार को हुई चर्चा के दौरान भरतपुर से विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने सरकार की कार्यप्रणाली, संवैधानिक प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय असंतुलन को लेकर तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अभिभाषण के बिंदु संख्या 192 में ऐसे विधेयकों का उल्लेख किया गया है, जो अभी तक सदन में पेश भी नहीं हुए हैं। इनमें महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक, राजस्थान जन विश्वास विधेयक और दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान विधेयक शामिल हैं। डॉ. गर्ग ने इसे विधायिका और राज्यपाल को गुमराह करने का मामला बताते हुए स्पीकर से इस पर व्यवस्था देने की मांग की। प्रशासनिक सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिक आज भी पटवारी, तहसीलदार और नगर निकायों के चक्कर लगाने को मजबूर है। उन्होंने ‘टाइम बाउंड सर्विस डिलीवरी बिल’ लाने की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसा करने पर मुख्यमंत्री इतिहास में याद किए जाएंगे। विकास पर सवाल उठाते हुए डॉ. गर्ग ने कहा कि भरतपुर संभाग आज भी उपेक्षित है। उन्होंने यहां एजुकेशन, टेक्निकल और डिजिटल हब, उच्च स्तरीय विश्वविद्यालय, मेडिकल व टूरिज्म हब, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और डेयरी उत्पादक हब की स्थापना की मांग रखी। साथ ही ‘विकसित राजस्थान 2047’ विजन डॉक्युमेंट का हिंदी संस्करण उपलब्ध कराने की भी मांग की।


