शहर में अखिलं राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के द्वारा लाडपुरा पंचायत समिति कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने खेमराज समिति की रिपोर्ट का पुरजोर विरोध किया। वही 11 सूत्रीय मांग पत्र के साथ मुख्य सचिव राजस्थान सरकार के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोपा गया। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला सयोजक अशोक लोदवाल ने बताया कि कर्मचारी राज्य सरकार से पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते आ रहे हैं। लेकिन सरकार ने आज तक उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया। पिछले काफी समय से 11 सूत्रीय मांग पत्र सरकार के पास लंबित है। हमारी सरकार से मुख्य मांग है कि न्यूनतम वेतन 26000 किया जाए, एएनएम,एलएचबी के जो पदनाम है उसको बदला जाए, साथ ही 14, 28, 32 का जो वेतन मान, डीपीसी को लागू करने की मांग है। संविदा और ठेका प्रथा के नाम प्रशिक्षित बेरोजगारों का लगातार शोषण किया जा रहा है उसके खिलाफ यह ज्ञापन दिया जा रहा है। खेमराज कमेटी ने वेतन विसंगतियां के निराकरण के लिए जो कमेटी बनाई गई थी उसमें जो रिपोर्ट पेश की गई वह बिल्कुल कर्मचारियों के विरोध में है, इस कमेटी का हम विरोध करते हैं। लोदवाल ने बताया कि ओल्ड पेंशन स्कीम राजस्थान लागू की गई है लेकिन हमें लगता है राजस्थान सरकार केंद्र सरकार के इशारे पर चल रही है। केंद्र सरकार ने एनपीएस को यूपीएस बदली गई है तो राजस्थान सरकार भी ओपीएस को यूपीएस में बदलने की कवायत कर रही है। हम सब इस ज्ञापन के माध्यम से यह मांग करते हैं कि राजस्थान में हमारी जो ओल्ड पेंशन स्कीम है इसको सुचारू रूप से चालू किया जाए। इस पर किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाए। 11 सूत्री मांगों के साथ राजस्थान सरकार को बता रहे है कि इसको सुने और कर्मचारी संगठनों को वार्ता के लिए बुलाए। अगर हमारी यह मांगे नहीं मानी गई तो हम पूरे राजस्थान में आंदोलन को और मजबूत करेंगे तेज करेंगे और अगर इससे भी बात नहीं बनती है तो राजस्थान की राजधानी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करेंगे।


