मनोज वर्मा|केरेडारी हज़ारीबाग के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत कंडाबेर में बहुचर्चित मां अष्टभुजी की मंदिर है। यह मंदिर आस्था और विश्वास की प्रतीक है। यहां की आस्था पूरे झारखंड में फैली है। हर कोई यहां अपनी मन्नत लेकर पहुंचते हैं और उनकी मनोकामना भी पूरी होती है। ज्यादातर चुनाव लड़ने वाले या किसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले लोग यहां जरूर पहुंचते हैं। माँ के आलिंगन में पुष्प चढ़ा कर धरने पर बैठा जाता है। पुष्प जल्दी गिरा तो काम में बाधा व देर से गिरा तो मनोकामना पूर्ण का सूचक माना जाता है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा से पूर्व सांसद जयंत सिंह, वर्तमान सांसद मनीष जायसवाल, विधायक रोशनलाल चौधरी, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, पूर्व विधायक योगेंद्र साव, पूर्व विधायक निर्मला देवी, पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद का आस्था व विश्वास जुड़ा हुआ है। इस मंदिर में अक्सर प्रशासनिक अधिकारी व एनटीपीसी के अधिकारी भी लगातार पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। लेकिन विडम्बना इस बात से है कि गर्रीकला तीन फेडवा आम से कंडाबेर माता स्थान तक लगभग चार किलोमीटर सड़क जिससे नेता व अधिकारी सफर तय कर मां अष्टभुजी के मंदिर में पहुंचते हैं, इस सड़क की हालत अत्यंत जर्जर है। किसी ने भी इस चार्ज हालत को नहीं सुधारी।


