वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस और यूके में वैश्विक मंच पर झारखंड का सफल प्रतिनिधित्व कर रांची आगमन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन का मंगलवार को झारखंड चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व में चैंबर सदस्यों ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड सरकार की पहल पर झारखंड चैंबर को हाई डेलिगेशन में शामिल किया जाना देश-विदेश के उद्यमियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि झारखंड अब निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य में व्यापार, उद्योग और रोजगार की असीम संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हमारी दावोस यात्रा के क्रम में हमारी टेक महिंद्रा, लूलू ग्रुप, टाटा, अडानी समूह, टीसीएस सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से सकारात्मक संवाद हुआ और झारखंड में निवेश के प्रति गहरी रुचि देखी गई। हम अन्य प्रदेशों के स्टाल में भी गए पर सबसे ज्यादा इच्छुक झारखंड पवेलियन में ही लोगों का था। ग्रो विद नेचर के झारखंड सरकार के स्लोगन की वैश्विक स्तर पर सराहना भी हुई। चैंबर सरकार के साथ सहभागी बनकर नीतिगत सुझाव देता रहेगा। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि दावोस यात्रा के दौरान वैश्विक स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान अत्यंत प्रेरणादायी रहा। सह सचिव रोहित पोद्दार व उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि झारखंड गठन के बाद पहली बार चैंबर को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने का अवसर मिला, जो मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का परिचायक है। मौके पर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, नवजोत अलंग, अनिल अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय, आस्था किरण, पूजा ढाढा, मुकेश अग्रवाल, अमित शर्मा, शैलेश अग्रवाल, किशन अग्रवाल, तेजविंदर सिंह, रमेश साहू व अन्य मौजूद थे।


