किसानों को फसल का सही मूल्य मिले और वे कृषि उत्पादों का भंडारण कर सकें इसके लिए गांवों में गोदाम बनाए जाएंगे। ये गोदाम उन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में बनाए जाएंगे, जहां या तो गोदाम नहीं हैं या जर्जर हैं। ऐसी समितियों में 200 टन क्षमता के गोदाम सह कार्यालय बनाए जाएंगे। पहले चरण के लिए 100 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को चिह्नित किया गया है। इन गोदामों के बनने से प्रदेश में 20 हजार टन भंडारण क्षमता बढ़ जाएगी। साथ ही सभी सहकारी समितियों को एक कार्यालय भवन भी मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में 2058 पैक्स/ लैम्पस कार्यरत हैं। इन समितियों से किसानों को नगद एवं वस्तु संबंधी कृषि साख की जरूरतें पूरी की जाती हैं। नाबार्ड की मदद से बनेंगे ये गोदाम: नाबार्ड की मदद से ये सभी गोदाम बनाए जाएंगे। गोदाम विहीन और जर्जर गोदामों के लिए ए और बी श्रेणी तय की गई है। 63 गोदाम ए श्रेणी के जिलों की सहकारी समितियों में और 37 गोदाम बी श्रेणी के जिलों की सहकारी समितियों में बनाए जाएंगे। कलेक्टर के गाइडेंस में बनेंगे गोदाम
गोदाम बनाने के लिए जमीन से लेकर निर्माण एजेंसी तय करने की जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी। सोसाइटी के पास जमीन नहीं होने की दशा में कलेक्टर द्वारा जरूरत के अनुसार सोसाइटियों को भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सोसाइटी को प्रस्ताव बनाकर उप/सहायक पंजीयक के पास देना होगा, जिसे कलेक्टर के पास प्रस्तुत करना होगा। निर्माण एजेंसी का चयन भी संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। राज्य व जिले स्तर की समिति करेगी मॉनिटरिंग
योजना को तय समय में पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर समिति बनाई जाएगी। सहकारिता सचिव की अध्यक्षता में बनने वाली राज्य स्तरीय समिति में वित्त सचिव, पंजीयक सहकारी संस्थाएं, सीजीएम नाबार्ड और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक सदस्य होंगे। जबकि जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। इसमें उप/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर और नाबार्ड का प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। गोदाम विहीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में गोदाम बनाने की योजना है। इससे किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख पाएंगे और उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। सहकार से समृद्धि के इस कदम से ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।
-केदार नाथ गुप्ता, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक


